Home > ख़बरें > कश्मीर से आयी हैरतअंगेज खबर से ख़ुशी से झूम उठी कश्मीरी जनता, पीएम मोदी से कहा- धन्यवाद

कश्मीर से आयी हैरतअंगेज खबर से ख़ुशी से झूम उठी कश्मीरी जनता, पीएम मोदी से कहा- धन्यवाद

modi-yasin-malik-gilani

नई दिल्ली : पिछले कई सालों से कश्मीर का माहौल बिगाड़ के रखने वाले अलगाववादी नेताओं पर मोदी सरकार का शिकंजा कसना शुरू हो चुका है. पीएम मोदी का मास्टर स्ट्रोक काम कर रहा है और जल्द ही कश्मीर समस्या का अब अंत होता भी दिखाई दे रहा है. इसी सिलसिले में अब एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है.


शिकंजे में यासीन मलिक और गिलानी !

जम्‍मू-कश्‍मीर लिबरेशन फ्रंट यानी JKLF के लीडर यासीन मलिक और हुर्रियत कांफ्रेंस के लीडर सैयद अली शाह गिलानी का खेल अब ख़त्म होने को है. खबर आयी है कि काफी वक़्त से ये दोनों नेता सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर हैं और दोनों पर हवाला के जरिये आये कालेधन को सफ़ेद करने के आरोप हैं.

सूत्रों के मुताबिक़ अब इन दोनों के खिलाफ कार्यवाही शुरू हो चुकी है और जल्द ही दोनों जेल में अपने अपराधों की सजा पाएंगे. खबर है कि यासीन मालिक और गिलानी दोनों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने समन जारी कर दिए हैं. अब इनसे आरोपो को लेकर कड़ी पूछताछ की जायेगी और यदि ठीक-ठीक और संतोषजनक जवाब नहीं मिले तो दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा.

बैंक खातों के जरिये अवैध लेन-देन !

पिछले साल उरी हमले के बाद एनआईए को इस बात की खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी कि कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए पाकिस्तान हवाला के जरिये कश्मीर में पैसे भिजवाता है. जिसके बाद तुरंत संदिग्‍ध बैंक खातों की जांच शुरू की गयी. जांच में लगभग 50 ऐसे बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली जिनमे खाडी देशों से काफी पैसा जमा कराया गया था.


इन खाताधारकों में से एक गिलानी का बड़ा बेटा भी है, जिसके बाद एनआईए ने उसे समन भेजा लेकिन वो पूछताछ के लिए नहीं आया. खबर है कि इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय की जांच में भी इस बात के संकेत मिले कि यासीन मालिक और गिलानी कालेधन के हेर-फेर में शामिल हैं.

सूत्रों के मुताबिक़ पाकिस्तान से आये कालेधन के इस्तेमाल से ये अलगाववादी नेता कश्मीर में पत्थरबाजी करवाते आये हैं. इसके लिए ये लोग कश्मीर के युवाओं को भड़का कर उन्हें 300 से 500 रुपये तक दिन की दिहाड़ी भी देते हैं. नोटबंदी के बाद से इन्हें मिलने वाले कालेधन पर कुछ लगाम तो है लेकिन अब जैसे-जैसे जांच अपने अंत तक पहुचेगी वैसे ही इन लोगों को इनके अपराधों का दंड मिलेगा.

इन अलगाववादियों को सजा होने के बाद ही कश्मीर में स्थायी रूप से शान्ति व्याप्त हो पायेगी. जिसके बाद कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने की दिशा में भी काम किया जा सकता हैं.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments