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डोकलाम विवाद पर एक्शन में आयी भारतीय एयरफोर्स, मौत बरसाने के लिए निकले सुखोई फाइटर जेट्स

Sukhoi-Su-30

नई दिल्ली : डोकलाम विवाद पर जारी तनाव के बीच चीन को कई बार बात समझाने की कोशिशें की गयी लेकिन चीन लड़ने के लिए उतावला नज़र आ रहा है. ऐसे में भारतीय सेना भी अब चीन से दो-दो हाथ करने को तैयार है. पहले मसले को सुलझाने के लिए कुटनीतिक कोशिश की गई, उसके बाद सैन्य स्तर पर वार्ता करके भी चीन को भरोसे में लेने की कोशिशें की गयी लेकिन अब भारतीय सेना ने भी युद्ध की तैयारियां शुरू कर दी हैं.

मसला सुलझाने की लगातार कोशिशों के बाद भारतीय सेना ने अब चीन को सबक सिखाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए जहां डोकलाम में सैकड़ों भारतीय जवान एक आदेश मिलने का इन्तजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चीन से लगी 1400 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा हेतु हजारों की संख्या में जवान उतार दिए गए हैं.

चीन के दिमाग ठिकाने लाने के लिए खास तौर पर ‘प्लान 45 हजार’ बनाया गया है. एयरफोर्स भी पूरी तरह से तैयार है और सुखोई फाइटर जेट्स पर विनाशकारी मिसाइलें लोड की जा चुकी हैं. एयरफोर्स के विमान अपनी-अपनी पोजीशन पर तैयार खड़े हैं, जरुरत पड़ने पर चीन पर मौत बरसाने के लिए फाइटर जेट्स तुरंत निकल पड़ेंगे. डोकलाम के आसपास के पूरे इलाके को मशीनगनों से कवर कर लिया गया है. चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की कोशिश पर चरण लाशों के ढेर लगा दिए जाएंगे.

हालांकि भारतीय सेना पहले हमला नहीं करना चाहती लेकिन चीन की ओर से हमले की हलकी सी आहट मात्र से पूरी सेना चीन पर टूट पड़ेगी. जंग की सूरत में पाकिस्तान पीछे से कोई नापाक हरकत ना कर दे, इसके लिए पूरी तैयारियां की जा चुकी हैं. पाकिस्तान यदि मौके का फायदा उठाने की कोशिश करता है और चीन के साथ मिलकर भारत पर हमला करता है, तो पीओके खो बैठेगा.

जंग की सूरत में अमेरिका भी भारत के साथ खड़ा है. दरअसल चीन, उत्तर कोरिया का साथ दे रहा है. ऐसे में चीन के खिलाफ अमेरिका व् भारत नेचुरल दोस्त हो गए. यानि युद्ध की हालत में चीन बुरा पिटेगा. चीन एक परमाणु ताकत है, इसे ध्यान में रखते हुए भारत की परमाणु मिसाइलें भी तानी हुई हैं. परमाणु हथियारों से लैस फाइटर जेट भी आदेश के इन्तजार खड़े हैं. चीन की एक भी नापाक हरकत उसका सर्वनाश कर देगी.


चीन यदि मिसाइलों से हमला करता है तो उसकी मिसाइलों को ध्वस्त करने के लिए इजराइल से मिले एंटी मिसाइल सिस्टम को भी पूरी तरह से तैयार रखा गया है. हवा में ही चीनी वायुसेना के विमानों के परखच्चे उड़ाने के लिए कई फाइटर जेट्स हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस तैयार हैं.

चीन के जमीनी ठिकानों को तबाह करने के लिए हवा से सतह पर मार करके भीषण तबाही मचाने वाली मिसाइलें भी फाइटर जेट्स पर लोडेड हैं. रक्षामंत्री अरुण जेटली ने हथियारों की कमी की बात को नकार दिया है और स्पष्ट कहा है कि सेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

डोकलाम पर चीन के अड़ियल रूख के बाद भारत ने भी जोर देकर साफ कहा है कि जब तक चीन डोकलाम से सड़क निर्माण के औजार नहीं हटाता, तब तक भारत अपनी सेना को वापस नहीं हटाएगा. 8 अगस्त को भी दोनों देशों के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी लेकिन चीन की अकड़ के चलते इस बातचीत में भी कोई फैसला नहीं लिया जा सका.

चीन के अड़ियल रवैय्ये से साफ़ है कि इस मसले का हल इतनी आसानी से नहीं निकलेगा. लिहाजा भारत ने भी अपनी कमर कस ली है. युद्ध की आशंकाओं के चलते भारतीय सेना ने सिक्किम और अरुणाचल से लगी चीन सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है.

भारत-चीन सीमा की ईस्टर्न थियेटर की सुरक्षा के लिए अरुणाचल और असम में तैनात 3 और 4 कॉर्प्स के जवानों के साथ भारतीय सेना की सुकना स्थित 33 कॉर्प्स को भी हाई अलर्ट पर “नो वॉर नो पीस मोड” में रखा गया है.


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