Home > ख़बरें > अभी-अभी : एक्शन में आयीं रक्षामंत्री, बॉर्डर पहुंच कर टैंक बटालियन को दिए आदेश, जवान हैरान !

अभी-अभी : एक्शन में आयीं रक्षामंत्री, बॉर्डर पहुंच कर टैंक बटालियन को दिए आदेश, जवान हैरान !

Nirmala-Sitharaman-army

जोधपुर : स्वतंत्र रूप से रक्षा मंत्रालय की बागडोर संभालने वाली पहली महिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पदभार संभालने के बाद से ताबड़तोड़ दौरे कर सैन्य अधिकारियों, जवानों और रक्षा वैज्ञानिकों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को सुनने और उनमें जोश भरने में जुटी हैं. अब उन्होंने एक और ऐसा काम किया है, जिसने दुश्मनों के दिलों में भय कायम कर दिया है.


आतंकियों को ठोकने में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही ?

एकाएक रक्षामंत्री बॉर्डर पर दुश्मनों से लोहा ले रहे जवानों के पास उनका हाल-चाल जानने और उनकी समस्याओं को सुनने जा पहुंची. केवल इतना ही नहीं बल्कि दुश्मनों को ठोकने के निर्देश देते हुए वो खुद टैंक पर चढ़ गयीं और आग उगलती स्वदेशी तोप की क्षमता के बारे में जानकारी ली.

कितनी दूर तक मार सकता है, एक बार में कितने गोले दागे जा सकते हैं जैसी कई अहम् जानकारियां हासिल की. उनके इस आक्रामक अंदाज ने पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं के दिलों में भय स्थापित कर दिया है. बता दें कि अभी कुछ ही दिन पहले भी वो एक बार राजस्थान सेक्टर में सीमा क्षेत्र का दौरा कर चुकी हैं.

पाकिस्तान हक्का-बक्का !

इस महीने की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय का दायित्व संभालने वाली निर्मला सीतारमण लगातार न केवल सीमा क्षेत्र के दौरे कर रही है बल्कि सैन्य छावनियों में पहुंच सीधे जवानों और अधिकारियों से बातचीत कर रही हैं. पड़ संभालने के साथ ही उन्होंने गोवा में नौ सैनिकों से मिलकर अपने दौरों की शुरुआत की थी.

जिसके बाद वो सीधे पाकिस्तान सीमा के निकट मौजूद उत्तरलाई एयर बेस पहुंच गई और इंडियन एयर फोर्स के फाइटर जेट मिग-21 बाइसन में सवार होकर इसकी क्षमता के बारे में पायलेट्स से जानकारी ली. उन्होंने वहां मौजूद जवानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और अग्रिम एअरबेस पर सामरिक तैयारियों का जायजा लिया.


बाड़मेर के बाद वो ग्वालियर एअर बेस भी गई और वहां से लौटते ही उन्होंने पश्चिम कमान के मुख्यालय चंडी मंदिर का दौरा किया. वो किसी अधिकारी से जानकारी लेने की जगह सीधे जवानों से मिलकर सभी समस्याओं को सुन रही हैं.

आँखों के सामने टैंकों से गोले दगवाये !

दो दिन पहले ही वो पोकरण फायरिंग रेंज में पहुंच गई थी. जहां उन्होंने स्वदेशी 155 एमएम धनुष तोप की मारक क्षमता को परखा और इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की. इसके बाद वो टैंक पर चढ़ गयीं और अर्जुन टैंक की लाइव फायर डेमों को देखने लगी. उनके सामने जवान टैंक से गोले दाग रहे थे.

हाल ही में उन्होंने दिल्ली में रक्षा वैज्ञानिकों से मुलाक़ात की और उसके बाद वो जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला में वैज्ञानिकों से मिलने जा पहुंची और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से रक्षामंत्री सीधे जवानों से बातचीत कर रही हैं, उससे जवान और अधिकारी काफी जोश में हैं.

जवानों से सीधे बातचीत करने से सामने आने वाली समस्याओं का उपाय भी तेजी से होगा. इसके फायदे आने वाले दिनों में साफ नजर आएंगे. राजनीतिक नेतृत्व की तरफ से इस तरह की सीधी मुलाकातों से विषम परिस्थितियों में सीमा क्षेत्र में डटे जवानों का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ता है.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments