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बुरहान वानी, सबज़ार भट के बाद भारतीय सेना के हाथ लगी सबसे बड़ी कामयाबी, चारो खाने चित्त आतंकवादी

श्रीनगर : अभी हाल ही में आतंकी मूसा ने एक वीडियो को जारी किया जिसमे उसकी छटपटाहट साफ़ देखी जा रही है जिसमें वो भारत के मुसलमानो को गद्दार और बेशर्म कह रहा है. दरअसल बुरहान वानी के बाद उसके आतंकी दोस्त सबज़ार भट्ट को भारतीय सेना ने सिर्फ  2 हफ्ते के अंदर ही एनकाउंटर में घेर कर मार गिराया था. आतंकी बुरहान वानी, सबज़ार भट, फैज़ान के मारे जाने के बाद अब ऐसी ज़बरदस्त चौकाने वाली खबर सामने आयी है जिससे हिज़्बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठन अब जल्द ही नेस्तोनाबूद हो जायेंगे.

भारतीय सेना का खौफ, दहशत बनकर आतंकवादियों में दौड़ रहा है, आतंकवादी कर रहे हैं समर्पण

मोदी सरकार ने जबसे भारतीय सेना को खुली छूट दी है तब से, आतंकवादियों में एक डर का माहौल साफ़ देखा जा रहा है. 18 साल के बाद भारतीय सेना को ऑपरेशन “कासो” और “साङो” चलाने की अनुमति मोदी सरकार में मिली है. जिसके तहत 4000 से ज़्यादा जवानो की मदद से आतंकियों को चुन चुन के एनकाउंटर में मारा जा रहा है. इसी ऑपरेशन की वजह से सिर्फ तीन दिन में 20 से ज़्यादा आतंकवादियों को मारा जा चुका है. बुरहान वानी समेत उसके 12 आतंकियों ग्रुप में से 11 अब तक मारे जा चुके हैं. यही नहीं बुरहान वानी की जगह लेने वाला हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर सबज़ार भट्ट को 2 हफ्ते की भीतर ही भारतीय सेना के जाबांज़ जवानों ने घेर कर गोलियों से भून डाला.  ताज़ा खबरों के मुताबिक आतंकी सबज़ार भट के जनाजे में बहुत सारे आतंक प्रेमी मौजूद थे जिनमें से एक आतंकी दानिश अहमद भी था. भारतीय सेना के हाथ अब ऐसी ज़बरदस्त कामयाबी मिली है जिससे अब हिज़्बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठन का जल्द ही खात्मा हो जायेगा

आतंकी दानिश अहमद ने क़बूले अपने सारे गुनाह

आतंकी दानिश अहमद ने हंदवाड़ा पुलिस और 21 राजपूताना राइफल्स के सामने आत्म समर्पण कर दिया है. साथ ही उसने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर दक्षिण कश्मीर के आतंकियों से संपर्क में था और उन्हीं के जोर देने पर वह हिज्बुल से जुड़ा था. इसे भारतीय सेना एक बड़ी कामयाबी की तरह से देख रही है. अब एक एक करके दानिश के साथ और आतंकवादी भी हिज़्बुल संगठन छोड़ेंगे ऐसी खबर मिल रही है. 2016 में हंदवाड़ा में हुए पथराव की घटनाओं में दानिश को शामिल पाया गया था

खुल गयी पोल – हिज़्बुल जैसे संगठन कर रहे हैं लोगों को गुमराह

आतंकी दानिश अहमद दून स्थित कृषि विज्ञान एवं तकनीक पीजी कॉलेज से बीएससी (तीसरे साल) की पढ़ाई कर रहा था. आतंकी दानिश 2016 में अशांति के दौरान हंडवाड़ा में पथराव की घटनाओं में शामिल रहा था. दानिश ने सुरक्षाबलों की पूछताछ में बताया कि वह दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के संपर्क में था और उनके जोर देने पर वह हिजबुल का हिस्सा बन गया था.उन लोगों ने उससे उत्तरी कश्मीर के कुछ युवाओं को हिज्बुल आतंकी संगठन से जोड़ने को कहा था, ताकि धीरे धीरे पूरी कश्मीर घाटी में आतंक फैलाया जा सके. हालांकि बाद में उसे ऐहसास हुआ कि हिज्बुल का काम बस भोले भाले लोगों को गुमराह करके आतंकवादी बनाना है. दानिश ने पूछताछ के दौरान बताया कि आतंकी बनने के बाद उसे जिहाद और मुजाहिदीन की असलियत का अहसास हो गया. उसने कहा कि हिज़्बुल का मकसद सिर्फ धर्म के नाम पर आतंकवाद और जिहाद के नाम पर लोगों को मारना है. ये सब सिर्फ तबाही का रास्ता है.

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