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भारत-पाक मैच में करारी हार से बौखलाए पाकिस्तान ने किया भयानक हमला, सेना ने बुरी तरह रौंद डाला

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नई दिल्ली : भारत-पाक क्रिकेट मैच में हुई करारी हार के बाद बुरी तरह बौखलाए पाकिस्तान ने आज सुबह फिर भारत पर हमले की नाकाम कोशिश की. उत्तरी कश्मीर के सुंबल बांदीपोरा में स्थित सीआरपीएफ के कैंप पर सोमवार सुबह कुछ आतंकियों ने जबरदस्त हमला बोल दिया. आतंकियों के मंसूबे बड़ा नुक्सान पहुंचाने के थे.

आतंकियों की बिछाई लाशें, फिर कहा ‘भारत माता की जय’

लेकिन मुस्तैद जवानों ने सफलतापूर्वक ना केवल आतंकी हमले को नाकाम कर दिया बल्कि चार आतंकियों को भी जहन्नुम भेज दिया. सीआरपीएफ का ये कैंप उत्तरी कश्मीर में सीआरपीएफ के 45वें बटालियन का मुख्यालय है. बताया जा रहा है की आतंकी हमला शुरू होते ही पूरी तरह चौकस जवान हरकत में आ गए और छिप कर हमला कर रहे कायर आतंकियों पर हमला बोल दिया.

जवानों की जवाबी कार्रवाई में आतंकियों के ढेर होने के बाद सीआरपीएफ जवानों ने जोश में ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए. ख़बरों के मुताबिक़ सुबह करीब 3.45 बजे चार पाकिस्तानी आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप में गोलियां चलानी शुरू कर दी. जिसके बाद जवानों ने जवाबी फायरिंग की और कुछ ही देर में सभी चार आतंकियों को ढेर कर दिया. किसी भी भारतीय जवान के मारे जाने या घायल होने की खबर नहीं है.

उरी हमले की ही तरह कि गई हमले की कोशिश

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में उरी में सेना के कैंप पर पाक आतंकियों ने हमला किया था, ठीक उसी रणनीति का इस्तमाल इस हमले के लिए भी किया गया लेकिन जवानों के मुस्तैद होने के कारण आतंकियों के मंसूबे सफल नहीं हो सके.

उरी हमले में सेना के 20 जवान मारे गए थे, जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को जवाब देते हुए पीओके में घुस कर आतंकी लांच पैडो को नष्ट करते हुए कई आतंकियों को ढेर कर दिया था.

बताया जा रहा है कि पाक आतंकवादी उरी हमले की तरह ही इस हमले की योजना बना रहे थे. वो कैंप में आग लगाने की तैयारी में थे और इसके लिए साथ में सामान भी लाये थे, जिसमें 3 पेट्रोल बम भी शामिल थे. आतंकियों की योजना थी कि सीआरपीएफ के कैंप को आग लगा देंगे ताकि जवान अंदर ही फंस जाएँ और सोते हुए ही जल कर मर जाएँ लेकिन जवान पूरी तरफ मुस्तैद थे.

ये एक फिदायीन हमला था यानी आतंकी मारने या मरने की योजना के साथ आये थे. वो अपने साथ 4 एके 47 राइफलों, एक यूबीजीएल के साथ, एक दर्जन से अधिक ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी लाये थे. लेकिन जवानों की मुस्तैदी के कारण ये मुठभेड़ केवल 45 मिनट तक चली. मुठभेड़ शुरू होने के कुछ ही मिनटों में पहला आतंकी मारा गया. ये आतंकी सीआरपीएफ कैंप में घुसने की कोशिश कर रहा था.

आईजी ने की सेना की सराहना

इसके बाद एक-एक करके अन्य तीनों आतंकियों को भी जवानों ने मार गिराया. बेहद सधे हुए तरीके से आतंकियों के हमले को नाकाम करने के लिए आईजी जुल्फिकर हसन ने जवानों की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही भयानक हमला था, लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ हमारे सतर्क जवानों ने आतंकियों के हमले को नाकाम कर दिया. सीआरपीएफ की ये बटालियन कोई अन्य नहीं बल्कि चेतन चीता बटालियन थी, जिसके बहादुर सीआरपीएफ अधिकारी चेतन चीता ने इस साल की शुरुआत में बांदीपोर में हुई मुठभेड़ में 9 गोलियां खाई थी लेकिन फिर भी डटे रहे थे.

अभी भी खतरा टला नहीं

डीजीपी जम्मू कश्मीर पुलिस सपा विद ने कहा कि पाकिस्तान आतंकियों की घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हमारे जवान पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उत्तरी कश्मीर में आतंकी घुसपैठ के कई प्रयास किए गए थे. अभी भी मुसीबतों की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त बलों को सेना के साथ सीमा पर तैनात किया गया है.

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