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75 दिनों की खुली छूट मिलते ही नक्सलियों पर सीआरपीएफ का बड़ा एक्शन, नक्सलियों में मचा हड़कंप !

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नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के सुकमा में हाल ही में सीआरपीएफ के जवानों पर तकरीबन 300 नक्सलियों ने हमला कर दिया था, जिसमे 25 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद मोदी सरकार की ओर से सीआरपीएफ को खुली छूट दिए जाने की खबर सामने आयी थी. अब इसी कड़ी में सीआरपीएफ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है.


सीआरपीएफ ने धर-दबोचे 10 नक्सली !

खबर आयी है कि सीआरपीएफ ने राज्य पुलिस के मिलकर नक्सल प्रभावित कई इलाकों में छापे मार कर सुकमा, चिकपाल और फूलबागरी गांव से 10 नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है. सुकमा जिले के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ उन्होंने ने 18 वर्षीय हंगा मदकामी, 17 साल की हिडमा कुरमी, 42 वर्षीय पुर्जा और आयाती को गिरफ्तार कर लिया है. नक्सलियों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें राज्य पुलिस को सौंप दिया गया है.

इन चारों के साथ-साथ 6 अन्य नक्सलियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है हालांकि उनके बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं मिल पायी है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये सभी नक्सली उसी 74वीं बटालियन के सदस्य हैं, जिसने 24 अप्रैल को सीआरपीएफ जवानों पर हमला करके उनकी ह्त्या कर दी थी. इससे पहले भी सीआरपीएफ द्वारा 10 नक्सलियों के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर आयी थी.

जवानों शवों के साथ की थी बर्बरता !

गौरतलब है कि 24 अप्रैल, सोमवार सुबह 8.30 बजे के करीब लगभग 300 नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ की ताम पर उस वक़्त हमला बोल दिया था, जब वो अपने दुर्गपाल कैंप से रोड ओपनिंग पार्टी के तौर पर निकले थे. चिंतागुफा के पास के इलाके में नक्सलियों ने बमों व् राकेट लॉन्चरों का इस्तमाल करके 25 जवानों की ह्त्या कर दी थी और 7 जवान घायल हो गए थे. खबरों के मुताबिक़ हमले के बाद नक्सली औरतों ने कई जवानो के मृत शरीरों के साथ बर्बरता भी की थी.


जिसके बाद मोदी सरकार ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाने के लिए सीआरपीएफ को खुली छूट दी थी और सीआरपीएफ ने सड़क निर्माण व् सुरक्षा के काम को स्थगित करके अपने सभी जवानों को नक्सलियों के पीछे लगा दिया था. मोदी सरकार की कड़ी कार्रवाई और सीआरपीएफ के गुस्से को देखकर नक्सलियों ने एक ऑडियो जारी करके खुद को बेक़सूर व् मासूम दिखाने की कोशिश भी की थी.

नक्सलियों ने ऑडियो में दावा किया था कि वो सीआरपीएफ के जवानों को अपना दुश्मन नहीं मानते लेकिन आदिवासियों पर हुए अत्याचारों के बदले के लिए ही उन्होंने जवानों की ह्त्या कर दी. हालांकि जानकारों के मुताबिक़ अपने मारे जाने के डर की वजह से ही नक्सलियों ने वो वीडियो जारी करके देश में खुद के लिए सुहानुभूति बटोरने की कोशिश की थी.

बहरहाल जिस तरह से ऑपरेशन चल रहा है, उसे देखकर तो यही लगता है कि नक्सलियों का खेल अब ख़त्म होने वाला है. छिपने के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी, सीआरपीएफ ढूंढ-ढूंढ के सबकों उनके अंजाम तक पहुचायेगी.


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