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कांग्रेस के एक और घोटाले का पर्दाफ़ाश, मुसलामानों को धोखा देकर लूटे उनके 1100 करोड़ रूपये

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नई दिल्ली : मुसलमानों के हितों का ध्यान रखने का दिखावा करने वाली कांग्रेस वास्तव में उन्हें मात्र वोटबैंक से ज्यादा और कुछ नहीं समझती. वोटों की खातिर पिछले कई सालों से कांग्रेस कैसे मुसलमानों की आँखों में धूल झोंकती आयी है इसका एक चौंकाने वाला सच सामने आया है.

मुसलमानों को धोखा देकर 1100 करोड़ रूपये से अधिक का घोटाला

इंडियन पीपुल्स ग्रीन पार्टी ने कांग्रेस पर पिछले कई वर्षों से मुसलमानों को हज सब्सिडी देने के नाम पर उनसे झूठ बोलने और धोखा देने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा है कि पिछले कई दशकों से कांग्रेस ने मुसलमानों से ये झूठ बोलकर उन्हें ठगा है कि हज यात्रा के लिए वो मुसलमानों को सब्सिडी दे रही है. जबकि सच तो ये है कि मुसलमान हाजियों से सब्सिडी के नाम पर दुगना रुपया वसूला जाता रहा है और एक हज महीने में विदेश मंत्रालय, अल्पसंख्यक मंत्रालय और हज कमेटी की आपसी मिलीभगत से करीब 1100 करोड़ रूपये से अधिक का घोटाला करते आ रहे हैं. इस बेईमानी में कांग्रेस सरकार भी पूरी तरह से मिली हुई है. बड़े रसूख वाले मुसलमान नेताओ को कांग्रेस गुडविल डेलिगेशन और वी आई पी के नाम पर फ्री हज का ऑफर देती रही है.

पार्टी के अध्यक्ष डॉ सुधांशु के मुताबिक़ सब्सिडी के नाम पर गरीब मुसलमानों के पैसे से लीकेज, वित्तीय गड़बड़ी और करोड़ों का घोटाला किया गया है. खुद को मुसलमानों का रहनुमा बताने वाली कांग्रेस पार्टी इस ड्रामा कंपनी में मुख्य किरदार के रोल में रही है.

उन्होंने बाकायदा इस घोटाले का पर्दाफ़ाश भी किया

उन्होंने बताया कि मोटे तौर पर सरकार प्रत्येक हाजी से तकरीबन 1 लाख 90 हज़ार रूपये से 2 लाख रूपये हज यात्रा खर्च के लिए लेती आयी है. मजे की बात ये है कि इस हज यात्रा के खर्च विवरण को कभी भी साफ़ तौर से जारी नहीं किया गया और शून्य पारदर्शिता पर सारा काम किया गया.

हज कमेटी की बुकलेट के अनुसार अब हज यात्रा पर प्रति व्यक्ति ख़र्च को समझें –

हवाई यात्रा भाड़ा के खर्च की जानकारी सरकार नहीं देती. मक्का में रहने का खर्च (रिहाइश का किराया तथा मीना, अराफ़ात और मुजदलका का खर्च समेत) आता है करीब 4500 रियाल यानी करीब 76500 रुपये. मदीना, मुनवरा रहने का खर्च (खाना शामिल) आता है करीब 500 रियाल यानी 8500 रुपये. जेब खर्च के लिए मिलते हैं करीब 1500 रियाल यानी 25500 रुपये.

इस प्रकार से यदि इस खर्चे को जोड़ा जाए तो हवाई भाड़ा के अतिरिक्त कुल खर्च आता है करीब 110500 रुपये. कांग्रेस सरकार दावा करती रही है कि वो सब्सिडी के तौर पर हाजी को एक तरफ का हवाई किराया दे रही है लेकिन हर हज यात्री को एयर इंडिया से सफर करना जरुरी होता है.

इस प्रकार सरकार ने लिए 190000 रुपये और हवाई यात्रा के अतिरिक्त खर्च किये मात्र 110500 रुपये. घटाने पर 79,500 रूपये बच गए. अब यदि किसी भी ट्रैवल साइट पर जाकर चेक करें तो पता चलता है कि भारत के किसी शहर जैसे दिल्ली से जेद्दाह शहर का आना एवं जाना का हवाई किराया होता है औसतन 30000 रुपये. यदि किसी कथित टैक्स (जिसका विवरण बुकलेट में आता है) को जोड़ भी लिया जाए तब भी पिछले सालों के हिसाब से वो 5000 रुपयों के करीब होता है. यदि बचे 79,500 रूपये से सामान्य हवाई किराए के पैसे घटा भी दिए जाए तब भी सरकार के पास शेष रहते हैं 44500 रुपये, जिसका कोई हिसाब नहीं मिल रहा है.

प्रति वर्ष 600 करोड़ से अधिक गायब

करीब एक लाख लोग हर साल इस यात्रा पर जाते हैं, यदि औसत गायब रुपया यानि जिसका हिसाब नहीं मिल रहा को 50000 रुपये पर राउंड ऑफ करेंगे तो स्पष्ट हो जायेगा की घोटाला या गड़बड़ी कितने रूपये की है. जब सामान्य तौर पर हज यात्रा करने पर कुल खर्च आता हो एक लाख 40 हज़ार तो फिर कांग्रेस सरकार का हर यात्री से 1 लाख 90 हज़ार रूपये से 2 लाख रूपये लेना और ऊपर से ये क्लेम भी करना कि अभी तो करीब 60000 रुपये प्रति यात्री हम सब्सिडी में से खर्च कर रहे है, यानी 600 करोड़ से अधिक की राशि प्रति वर्ष गायब कर दी गयी.

दोनों हाथ घी में और सर कढ़ाई में

हज वेलफेयर समिति के जनरल सेक्रेटरी हाजी निजामुद्दीन और जमायते इस्लामी हिन्द के जयपुर सदर हाजी वकार अहमद तथा एडवोकेट असद खान ने भी कहा कि कॉंग्रेस पार्टी ने ऐसा प्रचार कर रखा है कि उसने मुस्लिम भाइयों को हज सब्सिडी दी हुई है और भोलेभाले मुस्लिम भाई भी इस बात को सत्य मान कर उनके पार्टी खुद को कृतघ्न महसूस करते है. लेकिन पीपल्स ग्रीन पार्टी के अध्ययन से इसमें साफ तौर पर एक बड़ा घोटाला नज़र आता है. कांग्रेस अहसान भी जताती रही है और करोड़ों रूपये का घोटाला भी करती रही है. यानि दोनों हाथ घी में और सर कढ़ाई में.

उपरोक्त तथ्यों, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया के 2014 के हिसाब की सच्ची प्रतिलिपि, हवाई जहाज बुकिंग की वेबसाइट आदि के अवलोकन के पश्चात हर कोई इस घोटाले को आसानी से समझ सकता है.

असदुद्दीन ओवैसी और जावेद अख्तर भी समर्थन में

आपको बता दें कि कांग्रेस के इस घोटाले के बारे में जानते हुए आईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रधानमन्त्री मोदी से अपील की है कि हज सब्सिडी खत्म कर दी जाए और पैसा मुसलमान लड़कियों की शिक्षा पर खर्च किया जाए जिससे उनकी तरक्की होगी. वहीं, जाने माने गीतकार और पूर्व राज्य सभा सांसद जावेद अख्तर ने भी इस सब्सिडी को खत्म करने की मांग की है. उन्होंने टि्वटर पर पोस्ट किया, ‘आखिरकार सरकार ने एक कमिटी बनाने का फैसला किया जो हज सब्सिडी पर विचार करेगी. अगर इस सब्सिडी को पहले खत्म कर दिया जाता तो बेहतर होता.’

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