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देश को पतन के गर्त में पहुचा दिया था कांग्रेस ने, इस मीडिया रिपोर्ट को पढ़कर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे

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नई दिल्ली : भारत जो कभी अपनी नेकी और संस्कारों के लिए जाना जाता था, को पिछले 60 वर्षों में कांग्रेस ने पतन के गर्त में पहुचा दिया. हाल ही में वायरल हुए बीएसएफ के जवान का विडियो तो आपने देखा ही होगा जिसमे उसने बताया है कि किस तरह से सरकार द्वारा जवानों के लिए सारी सुविधाएं भेजी जाती है, लेकिन बीएसएफ के आला अधिकारी सारा सामान बेच खाते हैं. इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराने से पहले ये रिपोर्ट जरूर पढ़ लें.

बीएसएफ का जवान जिसने देश को झकझोर दिया

आखिर ऐसा क्यों हो रहा है वो भी बीएसएफ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में? हाल ही में पूर्व वायुसेना प्रमुख को घोटाले के चलते गिरफ्तार किया गया था. अभी कुछ ही दिन पहले तक ख़बरें ये भी आ रहीं थी कि कैसे नोटबंदी के बाद कुछ बैंक अधिकारी भी कालाबाजारियों के साथ मिलकर उनके कालेधन को सफ़ेद करने में लगे हुए थे. ज्वेलर्स कमीशन लेकर कालेधन से सोना बेचते पकडे जा रहे हैं. यानी बड़े से बड़ा और छोटे से छोटा भ्रष्टाचार में लगा हुआ है यदि मौक़ा मिल जाए तो.

यथा राजा तथा प्रजा

जानकारों के मुताबिक़ जैसा राजा होता है प्रजा भी वैसा ही आचरण करने लग जाती है. पिछले 65 वर्षों में 60 वर्षो तक तो कांग्रेस की ही सरकार थी और सरकार की ऐसी कौन सी परियोजना थी जिसमे घोटाले नहीं किये गए? धरती, आकाश, पाताल से लेकर रक्षा सौदों तक में जम के घोटाले किये गए. घोटालों को करने के लिए बाकायदा सरकारी अधिकारियों को मोटी घूस दी गयी. ऊपर से चलता हुआ भ्रष्टाचार धीरे-धीरे नीचे तक पहुच गया. इसी का परिणाम आज देखने को मिल रहा है जब वायुसेना प्रमुख जैसे इज्जतदार पद पर बैठा व्यक्ति भी जेल की हवा खा रहा है और सैनिकों को सूखी रोटी खानी पड़ रही है.

जानकारों के मुताबिक़ भ्रष्टाचार को आसान बनाने के लिए एक ओर तो बड़े-बड़े नोटों की जम के छपाई की जा रही थी, वहीँ दूसरी ओर देश को तोड़ने के लिए वोटबैंक के नाम पर एक समुदाय की अंधाधुंध तुष्टिकरण की जा रही थी. ऊपर से चलता हुआ भ्रष्टाचार नीचे इस हद तक पहुच चुका था कि ऐसा तो कोई सरकारी दफ्तर बचा ही नहीं था जहां बिना पैसे चढ़ाये फ़ाइल आगे जा पाती हो. भ्रष्टाचारी बड़े नोटों के जरिये कालेधन पर कुंडली मारे बैठे थे और देश का गरीब बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर था.


तुष्टिकरण के कारण साम्प्रदायिकता की आग में जलता भारत धीरे-धीरे एक और बटवारे की ओर बढ़ रहा था. वोटबैंक की तुष्टिकरण और कालेकुबेरों के भ्रष्टाचार का ऐसा तांडव चल रहा था देश में जो यदि कुछ वक़्त तक और चलता तो भारत की पूरी तरह से बर्बादी निश्चित थी.

छंट रहा है घना अन्धेरा

नरेंद्र मोदी के प्रधानमन्त्री बनते ही एकाएक देश में स्वच्छता, ईमानदारी, न्याय की बातें होने लगीं. बेटियों को बचाने के कार्यक्रम चलाये जाने लगे, कालेधन को ख़त्म किया जा रहा है, प्रतिदिन करोड़ों का कालाधन पकड़ा जा रहा है, भ्रष्टाचारियों पर मुक़दमे चल रहे हैं, तुष्टिकरण का तिरस्कार हो रहा है. तो क्या देश के लोग एकाएक बदल गए या एक ईमानदार नेता को अपने बीच देखकर लोग प्रभावित हुए? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ देश की दयनीय स्थिति अब बदल रही है. देश के लोग अब भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं, कांग्रेस द्वारा फैलाया हुआ अन्धकार धीरे-धीरे ख़त्म हो रहा है, हालांकि इसे पूरी तरह से ख़त्म होने में अभी थोड़ा वक़्त और लगेगा.

अब आपकी बारी

आपके मुताबिक़ देश में फैली बदहाली और भ्रष्टाचार का कौन जिम्मेदार है? अपनी राय आप कमेंट द्वारा शेयर कर सकते हैं.


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