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मोदी के खिलाफ खौफनाक साजिश का खुलासा, खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ हिल गया सारा देश

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री का 13 साल का कार्यकाल काफी उतार-चढ़ाव और साजिशो से भरा हुआ रहा था. ये तो सभी जानते है कि इस दौरान उन्हें जान से मारने की भी साजिशें कई बार की गयीं, इशरत जहां और उसके साथियों ने भी मोदी को मारने का फूलप्रूफ प्लान बनाया था, लेकिन गुजरात पुलिस के निष्ठावान जवानों ने इन आतंकवादियों का प्लान फेल कर दिया था और सभी आतंकियों का एनकाउंटर कर दिया था. अभी-अभी पीएम मोदी को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ, जिसने खुफिया एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है.


वामपंथी नक्सली ने किये चौंकाने वाले खुलासे

दरअसल करीब सात साल पहले गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत सूरत में एक केस के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए सीपीआई का सदस्य और आंध्र प्रदेश के जोनल हेड श्रीरामुला व्‍यंकटम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस वामपंथी ने गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया है.

एटीएस ने खुलासे की जानकारी देते हुए बताया है कि जब गुजरात में नरेंद्र मोदी की सरकार थी, तब वामपंथी संगठनों द्वारा उनके सशस्त्र तख्तापलट की साजिश रची गई थी. एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि व्यंकटम नाम का ये वामपंथी जोनल हेड साल 2010 में अपने इसी मिशन को अंजाम देने सूरत आया था. इस दौरान यहां रहते हुए व्यंकटम ने बाहर से आए मजदूरों और स्थानीय मजदूरों को मोदी के खिलाफ भड़काना शुरु कर दिया था.

मोदी को जान से मारने का था प्लान

व्यंकटम लगभग 10 महीने तक गुजरात में रहा और इस दौरान उसने गुजरात और महाराष्ट्र में अपनी देशविरोधी गतिविधियों को छिपाने के लिए कई अपंजीकृत संगठनों का गठन किया. खुद को जांच एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए और बेख़ौफ़ होकर अपना काम करने के लिए उसने करीब 90 से 100 ऐसे संगठन बना लिए थे. वो अपने कैडर्स को जंगल में भेजकर हथियारों के साथ उन्हें ट्रेनिंग दिलवाता था. इन हथियारों में अत्याधुनिक राइफल्स और हैण्ड ग्रेनेड हुआ करते थे.

गुजरात सरकार का तख्तापलट कराने की साजिश रचने के अलावा इस वामपंथी व्यंकटम ने 2003 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू की हत्या करने की भी योजना बनाई थी. व्यंकटम छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड और आंध्र प्रदेश में नक्सली गतिविधियों के लिए पैसों की उगाही भी किया करता था.


साथियों समेत धरा गया नक्सली लीडर

2007 में भी पुलिस ने ओडिशा में व्यंकटम को धर-दबोचा था मगर इसी दौरान उसके नक्सली साथियों ने जिला कलेक्टर का अपहरण कर लिया और बदले में व्यंकटम को छुड़वा लिया. बहरहाल अब व्यंकटम एटीएस के शिकंजे में आ गया है और उसके 24 अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है.

व्यंकटम के खुलासे से साबित हो गया है कि नरेन्द्र मोदी बहुत पहले से ही वाम दलो के निशाने पर रहे हैं और पिछले तीन सालो से उनके खिलाफ की जाने वाली साजिशें केवल पिछली साजिशो का एक्सटेंशन मात्र हैं. ये तो अच्छा हुआ कि इन वामपंथी नक्सलियों के मंसूबे सफल नहीं हुए वरना ना जाने क्या अनर्थ हो सकता था.

एनजीओ और मीडिया ने साजिश में दिया था साथ?

मोदी की ह्त्या की साजिशें नाकाम होते देख उनपर अनर्गल आरोप, 2002 के दंगो में संलिप्तता के आरोप भी लगाए गए. एक पूरी एनजीओ और मीडिया इंडस्ट्री उनके खिलाफ लामबंद हो गयी थी.

शायद यही वजह है कि मोदी सरकार ने 2014 के बाद तेजी से ऐसे भ्रष्ट एनजीओ और फर्जी कंपनियों के खिलाफ कडा रुख इख्तियार किया. पीएम मोदी को मालूम है कि ऐसी संस्थाएं विदेशी चंदे पर चलती हैं और इनका उद्देश्य भी अपने विदेशी आकाओं के कामो को अंजाम देना ही होता है. इसीलिए पिछले 3 सालो में विदेशी चंदा लेने वाली सभी एनजीओ पर नकेल कसी गयी है.

वामपंथी नक्सलियों के पकडे जाने के बाद जांच की जायेगी इनके पीछे छिपे सफेदपोश आकाओं तक पहुंचने की. ऐसे नक्सली बिना राजनेताओं के समर्थन के कुछ नहीं कर सकते, जाहिर है कि राजनीति कारणों के चलते मोदी की ह्त्या करवाने की साजिशें रची गयी थी. देखना होगा कि इस मामले में किन नेताओं के नाम सामने आते हैं.


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