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कश्मीर छोड़िये, कल यूपी में शुरू हो गयी पत्थरबाजी, गुस्से में आये योगी ने भेजी भारी संख्या में फ़ोर्स !

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सहारनपुर : यूपी में योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनते ही पुलिस को निर्देश दिए थे कि वो प्रदेश में साम्प्रदायिक हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे. साम्प्रदायिक हिंसा करने वालों के साथ सख्ती बरतने के आदेश भी उन्होंने दिए थे. योगी के सख्त निर्देशों के बाद से प्रदेश में शान्ति बनी हुई भी थी लेकिन कल यूपी का सहारनपुर शहर एक बार फिर साम्प्रदायिक हिंसा से झुलस गया.

बीजेपी सांसद और विधायक की अगुवाई में निकली शोभायात्रा !

खबर है कि सहारनपुर शहर साम्प्रदायिक दंगे के बाद छावनी में तब्दील हो चुका है. सहारनपुर में कल पूरे दिन जमकर बवाल व् साम्प्रदायिक हिंसा हुई, जिसके बाद रात भर पूरे शहर में पुलिस का कडा पहरा लगाया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क दूधली में डा. भीमराव अंबेडकर शोभायात्रा निकालने के लिए बीजेपी सांसद राघव लखन पाल शर्मा, पूर्व विधायक राजीव गुंबर आदि बीजेपी नेता कल सुबह से ही प्रशासन से अनुमति लेने की कोशिश कर रहे थे.

2 घंटे तक चली मीटिंग में शोभायात्रा निकालने की इजाजत तो दीं गयी लेकिन तय किया गया कि शोभायात्रा गांव के बाहर से ही निकाली जाएगी. शोभायात्रा शुरू हुई तो उसे गांव में प्रवेश दे दिया गया, सहारनपुर के बाहरी इलाके के दुधली गांव में जब शोभायात्रा मुस्लिम इलाके से हो कर निकली तो कश्मीरी पत्थरबाजों की तरह एक ख़ास सम्प्रदाय के लोगों ने उस पर पत्थर फेकने और फायरिंग शुरू कर दीं, जिससे कई लोग घायल हो गए. ये सब देखकर शोभायात्रा में शामिल लोग बुरी तरह से भड़क गए और जमकर तोड़फोड़ की.

देखते ही देखते पूरी घटना ने साम्प्रदायिक रंग ले लिया और बड़ी संख्या में एक विशेष संप्रदाय के लोगों ने वहां इकट्ठा होकर गाली-गलौच के साथ जोरदार पत्थरबाजी शुरू दीं. लोगों का पारा सातवे आसमान पर जा पहुंचा और भड़के हुए लोगों ने मुस्लिमों की दुकानों में जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की.

बीजेपी सांसद बोले, सहारनपुर को नहीं बनने देंगे कश्मीर !

गुस्साए लोगों ने वहां खड़ी एक बाइक में आग लगा दी. पूरे मामले पर बीजेपी सांसद ने कहा कि मुस्लिमों ने शोभायात्रा पर पत्थरबाजी की, उन्होंने कहा कि सहारनपुर को कश्मीर नहीं बनने दिया जाएगा. पत्थरबाजी होने के कारण भीड़ इतनी आक्रामक हो गई कि उसने डीएम और एसएसपी दफ्तर पर भी धावा बोल दिया और एसएसपी दफ्तर का फर्नीचर व् सीसीटीवी कैमरे तोड़ डाले.

शोभायात्रा को पर्याप्त सुरक्षा मुहैय्या ना कराने के लिए बीजेपी सांसद ने एसएसपी को जमकर खरी-खोटी सुनाई. सांसद राघव लखन पाल का कहना है कि एसएसपी ने पहले तो जानबूझ कर शोभायात्र की अनुमति नहीं दी और बाद में उपद्रवियों को रोकने के बजाए वो वहां से चले गए. एक बीजेपी नेता ने बताया कि सहारनपुर के दलित व् मुस्लिमों के गांव दुधली में पहले आंबेडकर औऱ रविदास जयंती पर शोभायात्रा निकाली जाती तो थी, लेकिन मुस्लिमों की आबादी बढ़ने पर उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और उनके विरोध के चलते पिछले 7 वर्षों से यहां शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं थी.

वहीँ प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने यहां पहले की तरह शोभायात्रा निकालने की इजाजत मांगी, लेकिन प्रशासन ने गाँव के अंदर शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं दीं. बिना इजाजत के जब शोभायात्रा मुस्लिम इलाके से निकली तो वहां के लोगों से इसे देखा नहीं गया और शोभायात्रा पर पथराव किया गया, जिससे हालात काफी बिगड़ गए.

हिंसा इतनी बढ़ गयी कि पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य लोग भी घायल हो गए. जिसके बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबल को तैनात कर दिया गया. सांप्रदायिक तौर पर सहारनपुर को बेहद संवेदनशील माना जाता है. 2014 में भी यहां दो समुदाय के बीच हुए झगड़े ने दंगे का रूप ले लिया था. कल हुई हिंसा के बाद से पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है.

शुक्रवार को सांसद लखनपाल शर्मा और उनके समर्थकों समेत दोनों पक्षों के कुल 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके साथ ही पत्थर फेकने वाले लगभग 400 लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है. पत्थरबाजी में शामिल युवकों के अभिभावक अब बेहद परेशान हैं, आगजनी, तोड़फोड़ और जानलेवा हमले में बच्चों के नाम आ जाने से उनके भविष्य के सामने अब सवाल खड़ा हो गया है.

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