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पीएम मोदी ने व्यापारी संग मिलकर रची ड्रैगन के खिलाफ रणनीति,बड़े कदम से टूटी शी जिंगपिंग की कमर

नई दिल्ली : अड़ियल चीन का असली रंग ढंग पिछले 2 महीने में पूरे भारत की जनता ने देखा कि कैसे उसने भारत कि सेना पीएम यहाँ तक कि हिन्दुओं के खिलाफ भी ज़हर उगला. भारत-चीन सीमा पर सेना के हज़ारों जवान भेजने की नौबत तक आ गयी. चीन ने 1962 जैसे युद्ध के हालत पैदा करने की हर संभव कोशिश करी लेकिन वह सफल न हो सका. लेकिन अब ड्रैगन को उसकी औकात दिखाने का सही मौका आ गया है.


इस दिवाली निकला ड्रैगन का दम

चीन हर त्यौहार पर तो करोड़ों अरबों का व्यापर अकेले भारत से कमाता ही है. हालाँकि डोकलाम विवाद के बाद इस बार मोदी सरकार बेहद सख्ती दिखा रही है. जिसके कारण 50 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिल रही है. लेकिन फिर भी खिलौने उद्योग की बड़ी मात्रा ने भारत में अपनी जड़ें फैला रखी है. साथी ही चीनी मोबाइल कंपनियां दिन पर दिन भारत में घुस रही यहीं GIONEEXIOMI , OPPO , VIVO के बाद अब HONOR और IVOOMI नाम की अन्य मोबाइल कम्पनियां भी अपने मोबाइल फ़ोन लेकर भारत से करोड़ों का व्यापार खींचने उतर आयी हैं. सस्ते के नाम पर घटिया फीचर्स देकर भारत से ही अरबों रूपए कमाती हैं और भारत के खिलाफ ही ज़हर उगलते हैं. इसके लिए युवा वर्ग को जागना होगा. उन्हें सस्ते के पीछे भागना बंद करना होगा.

अंदर तक फैली हुई हैं चीन की जड़ें

लेकिन इस साल सबसे अच्छी बात यह है कि पिछले त्योहारों के मुअतबिक इस दिवाली चीनी ड्रैगन का दम निकलता दिखाई दे रहा है. डोकलाम विवाद के बाद भारत के व्यापारियों का कहना है कि इस दिवाली चीन से सामान के आर्डरों में काफी कमी आयी है. सिर्फ मोबाइल फ़ोन ही नहीं रोशनी की लड़ियां हों अथवा तमाम तरह के गिफ्ट आइटम, यहाँ तक की हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियां की बाढ़ भी चीन से ही आती हैं. जिस वजह से भारतीय उद्योग मज़दूर, काररिगर को उचित मूल्य नहीं मिल पाता. दिवाली पर चीन के पटाख़ों की बड़ी खेप भारत पहुंच जाती है और आस्था के नाम पर हम चीन को करोड़ों रूपए खुद कमा कर देते हैं.


पिछले साल चीनी सामान का बहिष्कार के अभियान ने काफी हद तक ड्रैगन की कमर तोड़ी थी लेकिन फिर भी उसने करोड़ों का व्यापर भारत से कमा लिया था. लेकिन अगर हमारे देश के युवा जाग जाएं और ये सस्ते चीनी कंपनी के लुभावने विज्ञापन के पीछे न भागें तो चीन का ड्रैगन अपनी नाक भारत के आगे रगड़ता हुआ नज़र आएगा.

सिर्फ फ़ोन में ही नहीं क्रिकेट के जगत के बड़े वर्ल्ड कप में OPPO या VIVO कंपनी की स्पॉन्सरशिप आपको ज़रूर मिलेगी. इस बार तो क्रिकेट के हर खिलाडी की जर्सी पर OPPO लिखा हुआ मिल जायेगा. यही नहीं अब धीरे-धीरे फिल्म जगत में भी चीन घुस रहा है और फिल्मों में अपना पैसा लगा रहा है.

धड़ाम से सर के बल गिरा चीनी ड्रैगन

कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने मीडिया से कहा की भारत आज सबसे बड़ा बाजार बन गया है. जिसमें चीन को अरबों का खज़ाना दिखता है. यह भी एक कारण है चीन का दिवाली से पहले डोकलाम से भागने का. इन्होने बताया कि दिवाली से पहले होली और राखी पर भी चीन से आयात कम हुआ है. जीएसटी और नोटबंदी से चीन को ज़बरदस्त झटका लगा है. इस दिवाली चीन का कारोबार ठंडा पड़ा है.

लड़ियों का कारोबार करने वाले दवेश कुमार कहते हैं कि इस साल पहले नोटबंदी और बाद में जीएसटी की वजह से व्यापारियों ने चीन से काफी आर्डर रद्द किए हैं. हालांकि इसके साथ उनका यह भी कहना है कि लड़ियों के बाजार पर आज भी चीन का ही दबदबा है. ये इतनी सस्ती हैं कि सभी ग्राहक इनकी मांग करते हैं. यानी की ग्राहक मतलब आम जनता को जागना होगा. स्वदेशी कुम्हारों के दिये, मोमबत्तियां या देवी देवताओं की मूर्तियां भी स्वदेशी ही खरीदें और भारत के युवा वर्ग को चाहिए की चीन का बहिष्कार बड़े पैमाने पर करें.


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