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अभी-अभी : भारतीय सीमा के अंदर चीन ने की नापाक हरकत, एयरफोर्स आयी एक्शन में तो भागा ड्रैगन

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नई दिल्ली : वैसे तो भारत और चीन के बीच पिछले 40 वर्षों से सीमा विवाद को लेकर तनाव है, लेकिन इसे लेकर दोनों देशों के बीच कभी बड़ी लड़ाई नहीं हुई. लेकिन 40 वर्षों बाद कल शनिवार को चीन ने एक ऐसी हरकत कर दी, जिसे देख सुरक्षा अधिकारी फ़ौरन है अलर्ट पर आ गए.

चीनी हेलिकॉप्टर ने की भारतीय सीमा में घुसपैठ

दरअसल भारत-चीन सीमा के पास स्थित चमोली जिले के बराहोटी इलाके में कल शनिवार सुबह भारतीय सीमा के अंदर एक संदिग्ध चीनी हेलीकॉप्टर उड़ता दिखा. स्‍थानीय अफसरों ने फ़ौरन इस बात कि जानकारी आर्मी और एयरफोर्स को दे दी. मोदी सरकार की और से सेना को खुली छूट पहले ही दी जा चुकी हैं, जिसके बाद एयरफोर्स तुरंत एक्शन में आ गयी लेकिन एयरफोर्स के एक्शन लेने से पहले ही ये चीनी हेलिकॉप्‍टर वहां से भाग खड़ा हुआ.

आनन्-फानन में सुरक्षा अधिकारी अलर्ट हो गए और मामले की जांच शुरू कर दी गयी. चमोली जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) तृप्ति भट्ट ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 09.15 बजे एक चीनी हेलीकॉप्टर भारतीय सीमा का उल्लंघन करके बराहोटी क्षेत्र के ऊपर उड़ता दिखा.

ये चीनी हेलीकॉप्टर करीब चार मिनट तक भारतीय सीमा के अंदर उड़ता रहा. उन्होंने बताया कि चीन की और से ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि अभी ये नहीं बताया जा सकता कि ये चीनी हेलीकॉप्टर भारतीय सीमा में जासूसी करने के लिए जानबूझकर घुसा था या फिर गलती से अंदर आ गया था.

भारत के सबसे लंबे पुल पर चीन की गंदी नजर

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना का ब्योरा पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. वहीँ खुफिया एजेंसियों के मुताबिक़ असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाले 9.15 किलोमीटर के देश के सबसे लम्बे पुल भूपेन हजारिका पुल पर भी चीन की नीयत खराब हो गयी है और इसीलिए चीन इस पुल को उड़ाना चाहता है.

सुरक्षा एजेंसियों ने इस बारे में एक खुफिया अलर्ट जारी किया है, जिसके मुताबिक़ सामरिक दृष्टि से बेहद अहम् भारत के इस पुल को बम धमाकों के जरिये उड़ाने की साजिश की जा रही हैं. खुफिया रिपोर्ट्स मिलने के बाद असम पुलिस ने पुल की सुरक्षा बढ़ा दी है. असम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी, स्पेशल ब्रांच) पल्लब भट्टाचार्य ने शुक्रवार को बताया कि हाल ही में उन्हें कुछ खुफिया अलर्ट प्राप्त हुए हैं, जिनके मुताबिक़ इस पुल पर खतरा मंडरा रहा है.

बताया जा रहा है कि पुल की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने के लिए केंद्र सरकार के साथ बातचीत शुरू हो गयी है. वैसे चीन कि नीयत के बारे में तो तभी पता चल गया था, जब पीएम मोदी द्वारा 26 मई को इस पुल का उद्घाटन करने के केवल दो ही दिन बाद चीन ने भारत को अरुणाचल प्रदेश में इंफ्ररास्ट्राकचर बनाने पर संयम रखने के लिए भी कहा था.

दरअसल चीन भारत के अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा मानता है. ये पुल भारत-चीन सीमा तक भारतीय सेना के भारी सैन्य वाहनों, तोपों और टैंकों के तेज मूवमेंट को सुनिश्चित करता है, यही वजह है कि चीन बौखलाया हुआ है और उलटी-सीधी हरकतें कर रहा है.

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