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चीन से आयी अबतक की सबसे बड़ी खुशखबरी, देखकर आप भी पीएम मोदी को सलाम करेंगे

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नई दिल्ली : भारत के परम शत्रु पाकिस्तान को लगातार सहयोग देने के कारण पिछले साल दिवाली पर भारत के लोगों का गुस्सा जबरदस्त तरीके से भड़क उठा था जिसके चलते लोगों ने चीनी पटाखों और अन्य चीनी उत्पादों का बड़े पैमाने पर बहिष्कार कर दिया था. बहिष्कार के कारण चीन को हुए जबरदस्त घाटे के कारण चीन ने अब भारत में व्यापार और व्यवसाय की रणनीति में बदलाव कर दिया है.


चीन ने मान ही ली मोदी की बात

अब चीन भी पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत भारत में ही उत्पादन और निर्माण शुरू करेगा. विभिन्न तरह के प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए भारत में उत्तर प्रदेश को प्रमुखता दी गई है. ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत चीन आने वाले वर्षों में यूपी में करीब 50 हज़ार करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी में है. दुबई की बैंकिंग कंपनी ‘इलीसियम कैपिटल पार्टनर’ को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. कानपुर और बनारस के लिए भी कुछ प्रोजेक्टों की घोषणा की जायेगी.

भारत में पीएम मोदी की स्मार्ट सिटी, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी कई योजनाएं बड़े पैमाने पर शुरू होने वाली हैं. इन योजनाओं में विदेशी निवेश की भारी गुंजाइश है. जिसे देखते हुए चीन यहां टेक्नोलॉजी, मीडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अब अपना निवेश करने की इच्छा रखता है.

कांग्रेस ने कर रखा था बेड़ागर्क

कांग्रेस के वक़्त में तो चीन भारत को आँखें भी दिखाता था और भारत चुपचाप चीन का बना सामान भी आयात करता था, जिससे देश का पैसा चीन चला जाता था और भारत के लोग बेरोजगार हो रहे थे और भारतीय उद्योग धंधे चौपट हो रहे थे. लेकिन अब ‘मेक इन इंडिया’ के तहत चीनी निवेश भारत में होने से चीन का पैसा भारत में आएगा और भारत के लोगों को रोजगार भी मिलेगा.


वैसे भी करोड़ों डॉलर्स का निवेश पाकिस्तान में करके चीन को केवल घाटे के और कुछ नहीं मिला, चीनी अर्थव्यवस्था पर भी आर्थिक संकट मंडरा रहे हैं. गुस्से से भरे भारतीय नागरिकों ने भी चीन में बना सामान खरीदने से मना कर दिया है. ऐसे में चीन के पास अब भारत के साथ हाथ मिलाने के अलावा चारा भी नहीं. मान ये भी जा रहा है कि भारत के साथ व्यापारिक समझौते के चलते अब धीरे-धीरे चीन पाकिस्तान को छोड़ भारत के साथ हर मुद्दे पर खड़ा होगा क्योंकि जिसके साथ व्यापार करते हैं उसके साथ लड़ाई नहीं करते.

इतिहास में पहली बार भारत में चीनी निवेश

इलीसियम के फाउंडिंग पार्टनर एवं हेड ऑफ कारपोरेट एडवाइज उपमन्यु मिश्रा, इलीसियम के चेयरमैन रिक पुडनर व चीन सरकार के अधिकारी पिछले चार महीनों में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं और हर स्तर की बैठक में सकारात्मक परिणाम निकले.

कुछ ही दिन पहले लखनऊ में राज्य सरकार के एक मंत्री के साथ कंपनी के अधिकारियों की बैठक हुई है. अप्रैल महीने तक राज्य में किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा की जायेगी. सबसे बड़ी बात तो ये है कि चीन सरकार की ओर से भारत में निवेश का ये पहला आधिकारिक मौका है, इससे पहले चीन ने आधिकारिक तौर पर कभी भारत में निवेश नहीं किया था.


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