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मुहर्रम से ठीक पहले चीन ने लिया मुस्लिमों के खिलाफ तुगलकी फैसला, भारत के मुस्लिम भी रह गए सन्न

नई दिल्ली : भारत में कुछ वक़्त पहले एक मुहीम सी छेड़ी गयी थी जिसमें वामपंथी पत्रकारों और लेखकों ने अवार्ड लौटाकर तो कुछ अभिनेताओं ने भारत को असहिष्णु देश घोषित कर दिया था. ऐसे दोगले लोग तब अपने बिलों में छुप जाते हैं जब डीएसपी अय्यूब पंडित की मुस्लिम भीड़ मस्जिद के बाहर पीट-पीट कर बेरहमी से हत्या कर देती है.


चीन ने मुहर्रम से ठीक पहले सुनाया तुगलकी फरमान

असली असहिष्णु देश देखने के लिए ऐसे लोगों को चीन को देखना चाहिए जिसने मुहर्रम से ठीक पहले मुसलमानों के खिलाफ बहुत बड़ा तुगलकी फरमान सुनाया है लेकिन अब कोई मुस्लिम संगठन की भावनाएं आहत नहीं होंगी और नहीं किसी वामंपथी पत्रकार या नेता के पेट में दर्द होगा और हाँ ऐसे मौके पर मानवाधिकार आयोग वालों को कैसे भूल सकते हैं उन्हें रोहिंग्या मुस्लिम पर आंसू बहाना याद रहता है लेकिन मजाल है कि चीन पर ऊँगली उठा दे कोई.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक पाकिस्तान के अज़ीज़ दोस्त चीन की सरकार ने अपने देश के मुसलमानों के खिलाफ मुहर्रम से पहले बड़ा अभियान चलाया है. सभी मुसलमानो को को अपने नमाज की चटाई और कुरान की प्रतियां जब्त करने का आदेश दिया है. डेली मेल के मुताबिक यह सख्त चेतावनी भी दी गई है कि अगर बाद में किसी की भी चटाई और कुरान पाई गईं तो गंभीर सजा दी जाएगी.

रोहिंग्या मुस्लिम पर दिन रात रोने वाले हुए गायब

आपको बता दें चीन के शिनजियांग प्रांत में पिछले कई सालों से धार्मिक कट्टरपंथ का संघर्ष चल रहा है. अकेले शिन्जियान प्रांत में ही उइगर मुस्लिमों की जनसख्या एक करोड़ के पार पहुंच गयी है. इसी के चलते इस बार चीन के शी जिंगपिंग ने मुहर्रम से पहले मुस्लिमों के धार्मिक अधिकार पर बड़ी पाबंदी लगायी है. लेकिन अभी तक ना तो टीवी मीडया इस पर बहस कर रही है और दिन रात रोहिंग्या के अधिकार पर अपनी वोटबैंक की राजनीती चमकाने वाले नेताओं के मुँह से कुछ फूटा है.


सभी कुरानों को हटाना शुरू किया

चीनी मीडिया के मुअतबिक निर्वासन विश्व उईगर कांग्रेस ग्रुप के प्रवक्ता दिलक्सत रक्षित ने कहा है कि उन्हें एक नोटिफिकेशन मिला है, उईगर मुस्लिम जाति के सभी लोगों के धर्म से जुड़ी कोई सामग्री नहीं मिलनी चाहिए. कुरान और धर्म से जुड़ी सभी चीजें सरकारी अधिकारी को देनी हैं. शिनजियांग के अधिकारियों ने इस वर्ष के शुरूआती दिनों में पांच साल पहले प्रकाशित हुए सभी कुरानों को हटाना शुरू कर दिया था, जिनमें उग्रवादी सामग्री थी.

कुरान को शिनजियांग में “तीन अवैध और एक आइटम” अभियान के तहत लाया गया. अभियान अवैध धार्मिक सामग्री को लेकर चलाया जा रहा है. जो ज्यादातर ‘मुस्लिम उईगर’ के स्वामित्व वाली ‘अवैध’ धार्मिक वस्तुओं के खिलाफ है.

खुली हवा वाला जेल

आपको बता दें इससे पहले भी चीन ने कुछ ऐसे कानून ऐसी पाबंदियां लगा दी थी जिससे चीन के मुस्लिमों ने चीन को “खुली हवा वाला जेल” कहना शुरू कर दिया था. जैसे सबसे बड़ी मस्जिद में इबादत करने जा रहे मुस्लिम अब मेटल डिटेक्टर से तलाशी देकर प्रवेश करेंगे. 24 घंटे मस्जिदों पर पुलिस का कड़ा सुरक्षा पहरा और CCTV से निगरानी रहती है. यही नहीं शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम लोगो के रमजान महीने में रोज़ा रखने पर पाबन्दी लगाने का फरमान भी सुना दिया गया था.

और तो और चीन में दाढ़ी रखने पर आंशिक प्रतिबंध लगा हुआ है साथ ही सभी सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनने की भी मनाही है और किसी को भी सार्वजनिक तौर पर नमाज़ पढ़ने पर भी पाबंदी लगा दी गयी थी. युवाओं को मस्जिदों से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है और उन्हें बताया जा रहा है कि नमाज सेहत के लिए नुकसानदायक है. चीन के अधिकारियों का मानना है कि उइगर मुसलमान अलकायदा जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों में शामिल हो रहे हैं.


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