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राहुल से मुलाक़ात के बाद चीन ने बोला हिन्दू राष्ट्रवाद पर हमला, पीएम मोदी को ठहराया जिम्मेदार

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नई दिल्ली : भारत-चीन के बीच सिक्किम बॉर्डर पर डोकलाम को लेकर विवाद चल रहा है. दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने खड़ी हैं और चीन लगातार हमले की धमकी भी दे रहा है. ऐसे नाजुक वक़्त में राहुल गाँधी चीन के राजदूत से चोरी-छिपे क्यों मिलने गए, ये जानकार आपके होश उड़ जाएंगे.

हिंदू राष्ट्रवाद पर चीन का हमला

आपको याद होगा कि कांग्रेस सरकार ने ही तुष्टिकरण के लिए “हिन्दू आतंकवाद” शब्द को गढ़ा था और समझौता ब्लास्ट केस में पाकिस्तानी आतंकी को छुड़वा कर निर्दोष असीमानंद को आरोपी बना दिया गया था. अमेरिकी सरकार के क्लासीफाइड पेपर लीक के बाद ये बात भी सामने आ चुकी है कि राहुल गांधी ने अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी से मिलकर कहा था कि हिंदू आतंकवाद ज्यादा खतरनाक है. उन्होंने यहां तक कहा था कि ‘हिंदू आतंकवादी संगठन’ लश्कर ए तैयबा जैसे संगठनों से ज्यादा खतरनाक हैं.

इस बार राहुल चीनी राजदूत से मिले और अब खबर आ रही है कि चीन ने भी विवाद के लिए हिंदू राष्ट्रवाद को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया है. ये पहली बार है जब चीन हिंदू राष्ट्रवाद पर उंगलियां उठा रहा है तो क्या राहुल ने इसी लिए चीनी राजदूत से मुलाक़ात की थी? ये सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं.

पीएम मोदी पर भी उठायी उंगलियां

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में कॉलमिस्ट यू यिंग ने अपने आर्टिकल में लिखा है कि भारत में बढ़ रहा हिंदू राष्ट्रवाद चीन के साथ युद्ध का कारण बन रहा है. कांग्रेस की भाषा बोलते हुए इस आर्टिकल में कहा गया है कि भारत को अपने देश में बढ़ रहे इस हिंदू राष्ट्रवाद के प्रति सजग रहना चाहिए और इसे भारत-चीन के बीच में विवाद का कारण नहीं बनने देना चाहिए.

आर्टिकल में पीएम मोदी पर भी ऊँगली उठायी गयी है. लिखा गया है कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत में हिंदू राष्ट्रवाद की भावनाओं में बढ़ोतरी हुई है और मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है. मोदी सरकार हिन्दू राष्ट्रवाद को रोकने के लिए कुछ नहीं कर पायी. लिखा गया कि नरेंद्र मोदी ने सत्ता हथियाने के लिए हिंदू राष्ट्रवाद का फायदा उठाया है.


चीन का आर्टिकल या कांग्रेस का ?

यकीन मानिये, इस आर्टिकल को पढ़कर आपको लगेगा ही नहीं कि ये चीन के सरकारी अखबार ने लिखा है, ऐसा लग रहा है कि मानो कांग्रेस ने ही ये आर्टिकल लिखकर राहुल के हाथ चीनी राजदूत तक भिजवा दिया हो और उन्होंने अपने अखबार में इसे छाप दिया हो.

जैसे कांग्रेस सत्ता पाने के लिए भारत में हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलती है, ठीक उसी तर्ज पर इस लेख में लिखा गया है कि राष्ट्रवादी ताकते चीन के खिलाफ 1962 के युद्ध का बदला लेना चाहती हैं. इसलिए भारत ने बॉर्डर पर सेना तैनात कर दी है. हिन्दू राष्ट्रवाद की सोच ने भारत के लोगों को उकसाया है और भारत में परपंरावादियों के प्रभाव को अधीन कर दिया है.

यही वजह है कि भारत सरकार पर पीछे ना हटने का और पाकिस्तान व् चीन के खिलाफ कडा रुख अपनाने का दबाव बन रहा है. हिंदूवादी ताकतों के कारण ही चीन के बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भारत सरकार ने अपनी सेना को पीछे नहीं हटाया है.

क्या है गांधी परिवार का चीन कनेक्शन ?

लेख में भारत को हिदायत दी गयी है कि भले ही भारत चीन के साथ ताकत के मुद्दे पर मुकाबला कर रहा हो लेकिन राष्ट्रीय ताकत के मुकाबले में भारत चीन के सामने कमजोर है. हिन्दू राष्ट्रवाद की सोच के कारण भारत ने चीन को लेकर पॉलिसी में जो बदलाव किये हैं, उसमें कोई अच्छाई नहीं है, उलटा इससे भारत खुद अपने ही हितों को खतरे में डाल देगा.

वैसे एक और बड़े खुलासे ने देश को और भी ज्यादा चौंका दिया है. अंग्रेजी न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी ने खुलासा किया है कि सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि पिछले कुछ वक्त से रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका वाड्रा भी चोरी छिपे चीन के राजदूत से मिलजुल रहे थे और इन मुलाकातों के फौरन बाद ही चीन ने सिक्किम में भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की और अब चीन ने कांग्रेस की भाषा बोलते हुए हिन्दू राष्ट्रवाद के खिलाफ ही बोलना शुरू कर दिया है.


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