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पी चिदंबरम पर छापों के बाद सीबीआई का एक और हाहाकारी कदम, कांग्रेस आलाकमान में हाहाकार !

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नई दिल्ली : आज सुबह से आयकर विभाग और सीबीआई ने भ्रष्टाचारियों पर छापेमारी की झड़ी लगाई हुई है.
उच्च पदों पर रहते हुए जनता के पैसों को डकारने वाली बड़ी-बड़ी मछलियों पर कार्रवाई की जा रही है. इसी के तहत चारा चोर लालू और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे के ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी. अब इसी सिलसिले में एक और बड़ी खबर सामने आ रही है.


पीटर मुखर्जी के घर पर सीबीआई का छापा

खबर आयी है कि पी. चिदंबरम के बेटे के ठिकानों पर छापेमारी के साथ-साथ सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया के पूर्व निदेशक पीटर मुखर्जी के मुंबई वाले घर पर भी छापा मारा है. गौरतलब है कि सीबीआई ने आज सुबह पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसमें उनके दिल्ली, मुंबई और चेन्नई के घर और दफ्तर शामिल हैं.

इस मामले में सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम, पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी के साथ-साथ दो प्राइवेट कंपनियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है. साथ ही वित्त मंत्रालय के कुछ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. इन सभी भर्ष्टाचारियों के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में एफडीआई के लिए भ्रष्टाचार करने और आपराधिक षड्यंत्र करने का केस दर्ज किया गया है.

आईएनएक्स मीडिया मंजूरी मामला

यह मामला आईएनएक्स मीडिया से जुड़ा है. आईएनएक्स मीडिया के फंड को FIPB के जरिये तब मंजूरी दी गई थी, जब पी. चिदंबरम विभाग के मंत्री थे. गैर-कानूनी तरीके से मंजूरी दिए जाने के लिए इस मामले में जांच शुरू तो हुई थी लेकिन यूपीए सरकार के दौरान इस मामले को दबाने की कोशिशें की गई थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है.

एयरसेल-मैक्सिस केस

मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है, जिसका मालिकाना हक बिजनेसमैन टी आनंद कृण्णन के पास है. एयरसेल को सबसे पहले एक एनआरआई बिजनेसमैन सी सिवसंकरन (सिवा) ने प्रमोट किया था, जो तमिलनाडु के मूल निवासी थे. 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी शेयर खरीद लिए थे. बचे हुई 26 फीसदी शेयर का मालिकाना हक सुनीता रेड्डी के पास है जो अपोलो के ग्रुप फाउंडर डॉ सी प्रताप रेड्डी की बेटी हैं. पी. चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने 3500 करोड़ रुपये की एयरसेल मैक्सिस डील को कैबिनेट कमेटी की इजाज़त के बिना ही मंजूरी दे दी थी जबकि नियमों के मुताबिक कोई भी वित्तमंत्री 600 करोड़ रुपये तक की डील को ही मंजूरी दे सकता है.


राजस्थान एंबुलेंस घोटाला

2015 में सीबीआई ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ एंबुलेंस घोटाले को लेकर एक एफआईआर दर्ज की थी. जब जिकजा हैल्थकेयर के साथ राजस्थान में एम्बुलेंस सेवा के लिए अनुबंध हुआ, तब सचिन पायलट व कार्ति चिदंबरम कम्पनी में निदेशक थे. इस डील में बड़े घपले की बात सामने आयी थी. इस केस में ईडी ने कार्ति चिदंबरम को नोटिस भी भेजा था. इसकी जांच भी चल रही है.

फेमा से जुड़ा मामला भी है जारी

इसके अलावा कार्ति चिदंबरम पर 45 करोड़ रुपये से जुड़े फेमा कानून के उल्लंघन का मामला भी चल रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले की भी जांच कर रहा है. ईडी ने इस सिलिसिले में नोटिस भी जारी किया था, अपने नोटिस में ईडी ने कहा, ‘‘मेसर्स एडवांटेज स्ट्रैटजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लि. ने विदेशी निवेशकों को वासन चेन्नई की कंपनी के शेयरों की बिक्री सौदे में करीब 45 करोड़ रुपए की गड़बड़ी की.

शारदा चिट फंड मामला

बेटे को छोड़िये, पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी भी कुछ कम नहीं हैं. इन पर भी ईडी की जांच चल रही है. बंगाल के कुख्यात शारदा घोटाले में ममता के साथ-साथ नलिनी का नाम भी शामिल है. शारदा के अध्यक्ष सुदीप्त सेन का आरोप है कि कांग्रेस नेता मतंग सिंह की उनसे अलग रह रहीं उनकी पत्नी मनोरंजना सिंह के कहने पर उन्होंने नलिनी को एक करोड़ रुपये दिए थे.

यानि देखा जाए तो लालू की ही तरह पी. चिदंबरम का भी पूरा परिवार ही निहायती भ्रष्ट है, इन लोगों ने देश के सबसे उच्च पदों का दुरूपयोग करके जनता के अरबों रुपये डकारे हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे इनपर शिकंजा कसता जा रहा है.


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