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आतंकवादियों ने प्रधानमंत्री के खात्मे को लेकर बनायीं ऐसी योजना, ख़ुफ़िया एजेंसी समेत पूरा देश हुआ सन्न

नई दिल्ली : आतंकवाद आज एक देश की समस्या नहीं रह गया है ये पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है. इसलिए पीएम मोदी जी भी देश के दौरे पर जाते हैं सबसे पहले आतंकवाद का ही मुद्दा उठाते हैं. हर बड़े देश अमेरिका फ्रांस, जर्मनी आज आतंकवाद से परेशान हैं. लेकिन ब्रिटेन में तो ये हद से ज़्यादा बढ़ गया है आतंकवादियों के हाथ प्रधानमंत्री तक पहुंच गए हैं.


ब्रिटिश प्रधानमंत्री को बम से उड़ाने का था प्लान

अभी एएनआई न्यूज़ एजेंसी से मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे की हत्या की साजिश नाकाम कर दी गई है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ‘थेरेसा मे’ को बम से उड़ाने जा रहे दो आतंकवादियों को वहां की स्पेशल पुलिस एमआई 5 ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि ये दोनों डाउनिंग स्ट्रीट (टेरीजा मे का घर) को बम से उड़ाने की साजिश बना रहे थे.पुलिस ने बताया है कि दोनों इस्लामिक आतंकी संगठन के सदस्य हैं. जिन लोगों को पकड़ा गया है उनके नाम रहमान और मोहम्मद इमरान है, दोनों की ही उम्र 20-21 के करीब है.

एमआई 5 प्रमुख मार्टिन ब्रंट ने कैबिनेट मंत्रालय में खुलासा करते हुए कहा कि डाउनिंग स्ट्रीट के खिलाफ यह एक चरम इस्लामिक आत्मघाती साजिश है. पुलिस का मानना है कि आतंकियों की योजना डाउनिंग स्ट्रीट पर किसी प्रकार के आधुनिक विस्फोटक से धमाका कर प्रधानमंत्री थेरेसा मे को मारना था.


मंगलवार को एमआई 5 ने खुलासा किया कि पिछले साल ब्रिटेन में 9 आतंकी हमलों को रोका गया लेकिन कई हमलावर अभी भी सक्रिय हैं. मार्च में, खालिद मसूद नामक एक शख्स ने वेस्टमिंस्टर ब्रिज पर पैदल चलने वालों पर एक कार चला दी और एक पुलिस को चाकू मार दिया. हमले में पांच लोग मारे गए.

मई में मैनचेस्टर एरीना में संगीत कार्यक्रम में हुए आत्मघाती हमले में 22 लोगों की मौत हो गई थी. जून में लंदन ब्रिज पर आतंकवादियों ने वाहनों और चाकू का इस्तेमाल करते हुए हमला किया जिसमें ग्यारह लोगों की मौत हो गई थी. इसी महीने उत्तरी लंदन के एक मस्जिद में एक आतंकवादी घटना में एक की मौत हो गई थी. सितंबर में, पार्सन्स ग्रीन स्टेशन पर एक ट्यूब ट्रेन पर हमला करने की कोशिश नाकाम रही.

इससे पहले भी ब्रिटेन में प्रधानमंत्री लंबे समय से आतंकियों का निशाना बनते आ रहे हैं. 1980 के दशक में आयरिश रिपब्लिकन समूहों की धमकी के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ोत्तरी कर दी गई थी. 1991 में 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर मोर्टार हमला किया गया हालांकि तब तत्कालीन प्रधान मंत्री जॉन मेजर अंदर थे और उन्हें चोट नहीं आई थी. 1984 में प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर को निशाना बनाया गया था. हालांकि इसमें थेचर को मामूली चोटें आईं लेकिन इस हमले में एक सासंद सहित पांच लोग मारे गए थे.

इससे ये बात साबित होती है कि ब्रिटेन में आतंकवादी संगठन काफी संख्या में घुस गए हैं और उनका निशाना वे आम लोग हैं जो चैन से अपनी ज़िन्दगी जीते रहे हैं. ब्रिटेन बहुत ही खतरनाक दौर से गुज़र रहा है, अगर आतंकवादियों के हाथ प्रधानमंत्री तक पहुंचने लग गए हैं तो ये वाकई चिंताजनक विषय है. इसके लिए अगर जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो ब्रिटेन को भयावह परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.


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