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पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी, भारतीय वायुसेना ने सुखोई फाइटर जेट पर लोड की ब्रह्मोस मिसाइल

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नई दिल्ली : पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत तेजी से अपने हथियारों के जखीरे को बढ़ाता जा रहा है. हाल ही में राजस्थान के बीकानेर में तपती रेत के बीच में 20 हज़ार सैनिकों ने टैंकों व् तोपों के साथ युद्धाभ्यास भी किया था. अब वायुसेना की ताकत को चार गुना बढ़ाने के लिये ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पिछले दिनों सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है.

भारत अब जल्द ही ब्रह्मोस मिसाइल को सुखोई लड़ाकू विमान में लोड करके इसका पहली बार किसी लड़ाकू विमान से परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है. रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, सुखोई जेट से यदि ब्रह्मोस का परिक्षण सफल हो जाता है तो कोई भी दुश्मन भारत के सामने टिक नहीं पायेगा. ध्वनि से भी तेज गति से प्रहार करने वाली ब्रह्मोस परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है.

जून में सुखोई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया जायेगा. इस परीक्षण के सफल रहने पर भारत उन चंद देशों में शामिल हो जायेगा, जो लड़ाकू विमान से अत्याधुनिक और सटीक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दाग सकते हैं.

रक्षा सूत्रों के मुताबिक़ सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान जल्द ही हथियारों से लैस हो जाएगा. इसके दो परिक्षण किये जाएंगे और उसके बाद ये लड़ाकू विमान किसी भी वक़्त दुश्मन तो तबाह करने के लिए तैयार रखा जाएगा. यदि सबकुछ योजना के मुताबिक़ सही रहा तो जून के महीने में सुखोई से ब्रह्मोस मिसाइल दागी जायेगी. परिक्षण के लिए वायुसेना ने दो विमान निश्चित कर लिए हैं.


बता दें कि पिछले वर्ष 25 जून 2016 को भारतीय वायुसेना के एक आधुनिकीकृत सुखोई एसयू-30 एमकेआई विमान ने पहली बार ब्रह्मोस-ए सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को लेकर उड़ान भरी थी. इसके बाद सुखोई से ब्रह्मोस को दागने का परीक्षण किया जाना निश्चित किया गया था.

पिछले साल जून में बंगलुरु में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के हवाई अड्डे से उड़ान भरकर सुखोई विमान ब्रह्मोस मिसाइल के साथ 45 मिनट तक हवा में उड़ता रहा था. अब सुखोई से इसे दागने का परिक्षण यदि सफल रहा तो ब्रह्मोस विश्व का पहला ऐसा हथियार बन जाएगा जो पानी, हवा और जमीन तीनों जगह से हमला करने में सक्षम हो.

बता दें कि ब्रह्मोस मिसाइल को भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है. ध्वनि की गति से चार गुना तेजी से हमला करने वाली ये मिसाइल अपने साथ 300 किलोग्राम तक पे लोड ले जाने में सक्षम है. इससे पहले ब्रह्मोस को नौसेना के जहाज और पनडुब्बी से भी सफलतापूर्वक दागा जा चुका है. अब सुखोई से इसके सफल परिक्षण के बाद भारत के पास ऐसा विनाशकारी हथियार हो जाएगा, जो एक ही वार में दुश्मन के ठिकानों को नेस्तानाबूद कर देगा.


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