Home > ख़बरें > बीएचयू में आंदोलन को के पीछे का खौफनाक सच आया सामने,साज़िश के तहत योगी को किया गया बदनाम

बीएचयू में आंदोलन को के पीछे का खौफनाक सच आया सामने,साज़िश के तहत योगी को किया गया बदनाम

नई दिल्ली : सर्वविद्या की राजधानी के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में एक छेड़खानी के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन ने आखिर इतना हैवानियत भरा हिंसक रूप कैसे ले लिया इसके पीछे असली साज़िश अब जाकर पर्दाफाश हुआ है जिसे देख आपके भी रौंगटे खड़े हो जायेंगे.


बीएचयू में हिंसा का ऐसा हैवानियत भरा रूप देख छात्र भी रह गए हैरान

देश की नामचीन यूनिवर्सिटी में शुमार बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में छेड़खानी के विरुद्ध के चलते छात्रों ने शांतिपूर्ण एक आंदोलन शुरू किया. लेकिन शनिवार देर रात ही इसने भयंकर रूप धारण कर लिया. इस आंदोलन में कई उपद्रवी घुस गए और पूरे इलाके में जमकर घमासान मचाया. कई गाड़ियां जला दी गयी. मोटर साइकिल में आग लगा दी गयी. रात तीन बजे लड़कियों के हॉस्टल में बम धमाके किये गए जिससे आंदोलन भड़क सके. आंदोलन और उग्र बनाकर योगी सरकार को बदनाम करने के लिए अस्पतालों में भी पत्थरबाज़ी करी गयी.

मदन मोहन मालवीय कि प्रतिमा पर कालिख और लाल झंडे की साज़िश

इसके तुरंत बाद पुलिस की कई टीम एक साथ इलाके पर पहुंची तो कई उग्रवादी पुलिस वालों पर टूट पड़े और हाथापाई करने लगे. जिसके बाद पुलिस पर पथरबाज़ी और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया. ताकि आंदोलन को दंगे का रूप दिया जा सके. हालात को हाथ से निकलते देख पुलिस हरकत में आयी और लाठीचार्ज करना पड़ा. यही नहीं कई अराजक तत्वों ने मेन गेट पर स्थापित भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर चढ़कर कालिख पोतने का प्रयास किया. जिसके बाद आंदोलनकारी और उग्रवादी आपस में भिड़ने लगे.

जो लड़कियां छेड़ते हैं वो ही कर रहे थे छेंडछाड के विरूद्ध आंदोलन

अब तक आंदोलन कर रही छात्राओं को पता चल गया था कि उनके आंदोलन में कई विरोधी पार्टी और लाल सलाम नक्सली घुस चुके हैं. इसके बाद छात्राओं ने सभी समर्थन के लिए पहुंचने वाले दलों के नेताओं को हाथ जोड़ वापस भेजना शुरू किया. यह बात साफ हो गई है कि छेड़खानी के खिलाफ छात्राओं के आंदोलन को एक साजिश के तहत हिंसा की आग में झोंका जा रहा है. कई छात्राओं ने बताया कि इस आंदोलन में वो गुंडे भी शामिल हो गए थे जो लड़कियां छेड़ते हैं और वहीँ छेड़खानी का विरोध करते हुए आग लगा रहे थे. ब्रोचा चौराहे के निकट खड़े एक ट्रैक्टर, जिप्सी और बाइक में आग लगा दी गई.


एकता ने बताई पूरी सच्चाई

बीएचयू में कानून की पढ़ाई कर रही एकता सिंह नाम की छात्रा ने सोशल मीडिया पर सबक सामने सच रखने की हिम्मत दिखाई. उन्होंने फेसबुक पोस्ट करी जिसे नीचे देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे अराजक तत्व और विरोधी पार्टी के गुंडे आंदोलन में घुस आये हैं और अपनी राजनितिक रोटियां सेंक रहे हैं. दरअसल यह आंदोलन कि शुरुआत एकता ने ही करी थी. पूरी सच्चाई उन्होंने अपने फेसबुक पर पोस्ट में बताई कि कैसे कुछ टीवी मीडिया वाले भी इसमें साज़िश के तहत रिपोर्टिंग कर रहे थे.

एकता ने एनडीटीवी चैनल की कवरेज की सच्चाई को भी सामने ला दिया।

राज बब्बर, पुनिया हिरासत में; छावनी में तब्दील हुआ कैम्पस, 1200 उपद्रवियों पर FIR

इस बीच कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राज बब्बर और वरिष्ठ नेता पी.एल. पुनिया भी आंदोलनकारी छात्राओं के प्रति समर्थन जताने वाराणसी पहुंचे थे. जिन्हे हिरासत में ले लिया गया है. बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इसमें विरोधी पार्टी और अराजक तत्त्व दंगा भड़काने को कोशिश कर रहे हैं, आप पार्टी और कांग्रेस पार्टी सोशल मीडिया पर फर्जी तसवीरें डाल रहे हैं. प्रशांत भूषण जो रोहिंग्या के वकील हैं उन्होंने फ़र्ज़ी फोटो पोस्ट कर पहले लोगों को भड़काया और फिर माफ़ी मांगी. इस बीच बीएचयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय को दो अक्टूबर तक बंद कर दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरी जांच रिपोर्ट मंगवाई है. कई उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया है किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा.

 


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments