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एक्सिस बैंक में पकड़ा गया 40 करोड़ कालाधन केजरीवाल का है?

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नई दिल्ली : दिल्ली में एक्सिस बैंक की कश्मीरी गेट ब्रांच में कालेधन को सफ़ेद करने के जिस गोरखधंधे का भांडाफोड़ हुआ था, उसमे अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का नाम भी सामने आ रह है। आरटीआई एक्टिविस्ट ‘नील टेरेंस हसलम’ ने दस्तावेजों के आधार पर ये दावा करा है कि एक्सिस बैंक की कश्मीरी गेट शाखा में मिली ब्लैक मनी का ‘आम आदमी पार्टी’ के साथ कनेक्शन है।

असल में कालेधन को सफ़ेद बनाने के इस गोरखधंधे में जिन फर्जी कंपनियों का नाम सामने आया है, वो वही कंपनियां हैं जो चुनावों से पहले केजरीवाल को मोटा पैसा चंदे में दे रही थी। अब क्या ये मात्र एक इतेफाक है या फिर वाकई ये कंपनियां बनायी ही इसलिए गयीं थी ताकि आम आदमी पार्टी को चंदे में कालाधन दिया जा सके?

इससे भी ज्यादा हैरानी की बात तो ये है कि दिल्ली के विधानसभा चुनाव के वक़्त ये बात सामने आयी थी कि आम आदमी पार्टी को एक फर्जी कंपनी के नाम पर दो करोड़ रुपयों का चन्दा दिया गया था। छानबीन करने पर पता चला था कि इस कंपनी का नाम ‘बीगल्स मार्केटिंग’ है और इसका डायरेक्टर रामचरण नाम का एक दिहाड़ी मजदूर है जी दिल्ली के अन्नानगर की झुग्गियों में रहता है।

अगला इत्तफाक देखिये कि आम आदमी को करोड़ों का चन्दा देने वाली चारों फर्जी कंपनियों के बहीखाते एक ही चार्टर्ड अकाउंटेंट देखता है। इन कंपनियों की जांच हुई मगर क्योंकि पैसे बैंक के जरिये से दिए गए थे इसलिए आम आदमी पार्टी बच गयी। हालांकि सभी जानते थे कि वो पैसा हवाला से आया कालाधन था जो आम आदमी पार्टी को चंदे में देने के लिए भेजा गया था। उसके बाद आम आदमी पार्टी पर आरोप भी लगे थे कि वो सारा पैसा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भेजा था।

एक्सिस बैंक घोटाले में भी बीगल्स का नाम

अब आते हैं एक्सिस बैंक में हो रहे गोरखधंधे पर, तो पिछले दिनों एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने एक्सिस बैंक की कश्मीरी गेट ब्रांच में कालेधन की दलाली का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया था कि यहां पर कुछ बैंक अधिकारी पुराने नोटों को कमीशन ले कर बदल रहे थे और कमीशन सोने की शक्ल में ले रहे थे। सारा गोरखधधा फर्जी कंपनियों के जरिये से कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा किया जा रहा था। इसके चलते शशांक सिन्हा और विनीत गुप्ता नाम के दो बैंक मैनेजरों को गिरफ्तार भी किया गया।

इन बैंक मनगरों पर आरोप है कि इन्होंने लगभग 40 करोड़ रुपये कालाधन अवैध तरीके से कई बैंक खातों में जमा कर दिया और उसके बाद इन पैसों को ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। ईडी ने 11 बैंक खातों को फ्रीज कर के पूछताछ की, तब एक दलाल ने कबूल लिया कि एक्सिस बैंक के मेनेजर दो प्रतिशत कमीशन और सोने के बिस्किट लेते थे और कालेधन को सफ़ेद कर देते थे।


फर्जी कंपनी का केजरीवाल से क्या लिंक है?

ईडी के एक अफसर के मुताबिक़ नोटबंदी के बाद कुछ व्यापारियों ने राजीव कुशवाहा, देवेंद्र झा और राज कुमार शर्मा नाम के चार्टर्ड अकाउंटेंट की सहायता से अपने पुराने नोटों को बैंक खातों में जमा करना शुरू कर दिया। सनराइज ट्रेडिंग्स, हिमालया इंटरनेशनल और आरडी ट्रेडर्स जैसी कई फर्जी कंपनियों के खाते कश्मीरी गेट ब्रांच में हैं। भ्रष्ट बैंक मैनेजरों की सहायता से इन फर्जी कंपनियों के खातों में भारी मात्रा में पैसा जमा कराया गया। एक बार में 90 से 99 लाख तक जमा कराये जाते थे, क्योंकि एक बार में एक करोड़ रुपये जमा करने से आयकर अधिकारियों की नज़र में आने का ख़तरा होता। जितने भी पैसे जमा किए जाते थे उन्हें उसी दिन ऑनलाइन ट्रांसफर द्वारा ‘बीगल्स मार्केटिंग’ के खाते में भेज दिया जाता था। इत्तिफाक से ये वही फर्जी कंपनी है जिसने केजरीवाल को दो करोड़ का चंदा दान किया था।

क्या केजरीवाल की ब्लैकमनी सोना बन गई?

ईडी के मुताबिक ‘बीगल्स मार्केटिंग’ ने बड़ी सफाई के साथ इस कालेधन को कई ज्वैलरी कारोबारियों को भेजा और बदले में सोना खरीद लिया। जांच अधिकारियों की आँखों में धूल झोकने के लिए सारा सोना पक्की रसीदों पर खरीदा गया। मगर रसीद में सोने का रेट 45 हज़ार से 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम दिखाया गया, जो कि बाजार भाव से बहुत ज्यादा है। यानी कि ज्वैलरी व्यापारियों को कमीशन देने की जगह उनसे महंगे दाम पर सोना खरीद लिया गया। इस धांधली में शामिल ज्वैलरी कारोबारियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही इनको गिरफ्तार किया जाएगा।

जांच करने पर ये भी पता चला कि बीगल्स मार्केटिंग के दिहाड़ी मजदूर डायरेक्टर रामचरण को मालूम भी नहीं है कि वो किसी कंपनी का डायरेक्टर भी है। कंपनी के अन्य डायरेक्टरों को भी नहीं मालूम था कि वो सभी किसी कंपनी के डायरेक्टर हैं। अब सारा शक आम आदमी पार्टी पर जा रहा है कि ‘बीगल्स मार्केटिंग’ कंपनी के जरिये से पार्टी को हवाला से आया पैसा चंदे की शक्ल में दिया जाता रहा होगा। इस बात की भी पूरी संभावना है कि एक्सिस बैंक में जो कालेधन को सफेद करने का खेल चल रहा था उसमे भी उसी का हाथ हो। तो फर्जी कंपनी का आम आदमी पार्टी को चन्दा देना, उस पार्टी के डायरेक्टर का दिहाड़ी मजदूर होना, फिर उसी कंपनी के जरिये से कालेधन को सोने में बदला जाना, ये सब के सब इत्तेफाक ही हैं या असल में वो कालाधन आम आदमी पार्टी के लिए ही था?

खैर जांच तो चल ही रही है और सच्चाई सामने भी आएगी ही। अभी तक इस मामले में आम आदमी पार्टी की और से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस मामले से जुड़े दस्तावेजों को आप इस लिंक पर क्लिक कर के देख सकते हैं।

अब आपकी बारी

क्या आपको लगता है कि पाकिस्तान की आईएसआई की तरफ से हवाला के जरिये कालाधन भेजा रहा था, जिसे बहुत ही शातिर तरीके से फर्जी कंपनियों के माध्यम से सफ़ेद करके आम आदमी पार्टी को चंदे के रूप में दान कर दिया जाता था? यदि हाँ तो पाकिस्तान ऐसा क्यों कर रहा था? अपनी राय आप कमेंट द्वारा शेयर कर सकते हैं।


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