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ब्रेकिंग – हिन्दुस्तान ने दिखाई अपनी ताक़त, दाग दी नाग मिसाइल , पलक झपकते ही उड़ा दिए परखच्चे

नई दिल्ली : आज भारत को अपने दो पड़ोसियों से सबसे ज़्यादा खतरा है. एक आतंकी पाकिस्तान तो दूसरा अड़ियल चीन. पाकिस्तान तो खुद आतंकी पैदा करता है जिसे अमेरिका ने भी मान लिया है. तो वहीँ चीन ने डोकलाम विवाद पर किन शब्दों का प्रयोग किया था हर दिन युद्ध की धमकी दे रहा था. ऐसे में अब भारत कोई चांस नहीं लेना चाहता है इसलिए भारत ने अपने सबसे खास हथियार को अब बाहर निकाल लिया है ताकि दुश्मन की दुबारा आँख उठाने की ज़ुर्रत ना कर सके.


पलक झपकते ही उड़ा दिए परखच्चे

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के अनुसार रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शनिवार को सफलतापूर्वक स्वदेशी नाग मिसाइल दागी. भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस मिसाइल ने शुक्रवार को दो अलग-अलग रेंज के अपने लक्ष्य को तबाह किया. इस परीक्षण के साथ ही ‘नाग’ के विकास से जुड़े सभी ट्रायल पूरे हो गए हैं. नाग के सफल परीक्षण को भारतीय रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. अब इसे सेना को सौंपा जायेगा.

सबसे खास क्षमता होने के कारण इसे दूसरे नाम से भी जाना जाता है “मारो और भूल जाओ“. दुश्मन का पलभर में नामोनिशान मिटा देगा ये अचूक हथियार. रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘एटीजीएम ‘नाग’ मिसाइल ने अलग-अलग रेंजों और स्थितियों में दोनों लक्ष्यों को बहुत अधिक शुद्धता से सफलतापूर्वक भेद दिया और ऐसा ही सशस्त्र बल हम चाहते हैं.’’

सेना को लम्बे वक़्त से था इंतज़ार

‘दागो और भूल जाओ’ श्रेणी की तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ‘नाग’ एडवांस्‍ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है. ख़बरों के मुताबिक यह सुविधा बहुत कम देशों के पास है जिनमें अब भारत भी शामिल है. पिछले कई वर्षों से सेना ऐसे ही हथियारों की मांग कर रही थी. लेकिन भ्रष्ट सरकार के केंद्र में रहने से ऐसा होना मुमकिन ना था.


लेकिन आज केंद्र बहुत मज़बूत है कश्मीर में बुलेटप्रूफ गाड़िया मिलने से अब सेना के जवानों में ख़ुशी की लहर सी दौड़ पड़ी है. इससे पहले की सरकारों ने लड़ाकू जेट विमानों, बोफोर्स तोप, हेलीकॉप्टर घोटाले करे .जिससे सेना को वो मज़बूती नहीं मिल सकी जो आज खुद अपने देश में हथियार बनाने से मिल रही है.

भारतीय सेना को आखिरकार मिल ही गया ब्रह्मास्त्र

जैसा की ये नाग मिसाइल वजन में काफी हल्की होती है. लेकिन उतनी ही खतरनाक भी होती है. इसका कुल वजन महज 42 किलो है. इस मिसाइल को 10 साल तक बगैर रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है. नाग मिसाइल की गति 230 मीटर प्रति सेकंड है. इस मिसाइल स्वाभाव प्राचीन हथियार ब्रह्मास्त्र की तरह है. एक बार चलने के बाद इसे रोका नहीं जा सकता लक्ष्य का तबाह होना निश्चित है.

आपको बता दें इससे पहले भारत ने शुक्रवार (2 जून) को स्वदेशी परमाणु क्षमता से लैस पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. जमीन से जमीन पर मार करने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को सुबह लगभग 9.50 बजे आईटीआर के तीसरे प्रक्षेपण परिसर के मोबाइल लांचर से मिसाइल को दागा गया था.


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