Home > ख़बरें > गुजरात चुनाव में मोदी के खिलाफ राष्ट्र विरोधी ताकतों की बड़ी साजिश का खुलासा, राजनीति में तहलका

गुजरात चुनाव में मोदी के खिलाफ राष्ट्र विरोधी ताकतों की बड़ी साजिश का खुलासा, राजनीति में तहलका

arundhati-roy-jignesh-gujrat-election

नई दिल्ली : बीजेपी के वोटों को तोड़ने के लिए इस बार राहुल गाँधी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. हार्दिक पटेल के जरिये पाटीदारों और जिग्नेश मेवानी के जरिये दलितों के वोट काटने की पूरी कोशिशें जारी हैं. मगर अब गुजरात चुनाव को लेकर ऐसा खुलासा हुआ है, जिसे देखकर साबित होता है कि बीजेपी को हराने के लिए बाकायदा देश के दुश्मनों के साथ सांठ-गाँठ तक की गयी है.


आतंकियों, नक्सलियों की साथी अरुंधति रॉय ने दिया जिग्नेश को चन्दा

गुजरात चुनाव में खुद को दलित नेता कहकर निर्दलीय पार्टी से चुनाव में उतरे जिग्नेश मेवानी का कनेक्शन देश को तोड़ने की साजिश करने वाली अरुंधति राय के साथ जुड़ता हुआ दिख रहा है. जानकारी के मुताबिक़ प्रसिद्ध लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय ने जिग्नेश मेवानी को चुनावी अभियान में 3 लाख का चंदा दिया है.

आपको बता दें कि वामपंथी विचारों वाली अरुंधति राय भारतीय सेना तक का विरोध करने से हिचकिचाती नहीं है और भारतीय सेना पर कश्मीर, नगालैंड, मिजोरम में भारतीय लोगों पर अत्याचार करने के आरोप लगाती है. एनडीटीवी के प्रनॉय राय की रिश्तेदार अरुंधति रॉय “जस्टिस फॉर अफ़ज़ल गुरु” नाम की संस्था के लिए काम कर चुकी है, यानी आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में खड़ी हुई थी.

राष्ट्र विरोधी ताकतों की बीजेपी के वोट तोड़ने की साजिश?

ऐसी आतंकी समर्थक और भारत विरोधी विचारधारा रखने वाली अरुंधति ने जिग्नेश मेवानी को चन्दा क्यों दिया, ये सवाल उठ खड़ा हुआ है. अगले महीने गुजरात में चुनाव होने वाले है और इसलिए जिग्नेश अपने चुनाव अभियान के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे हैं.


जिग्नेश मेवानी को गुजरात चुनाव में सिलाई मशीन चुनाव चिन्ह मिला है. जिग्नेश के दोस्त सोशल मीडिया के जरिए ‘ऑनलाइन क्राउड फंडिंग’ अभियान चलाकर चुनावी फंड इकट्ठा कर रहे हैं. उनकी इस फंड इकट्ठा करने की मुहिम का नाम ‘जनता की लड़ाई, जनता के पैसे से‘ है.और इस मुहिम से चुनावो के लिए फंड एकत्रित किया जा रहा है.

अरुंधति ने कबूली फंडिंग की बात

जिग्नेश मेवानी ने चुनावी अभियान में अभी तक 200 से अधिक योगदानों के साथ लगभग 10 लाख रुपए जुटाए हैं. यहाँ सबसे ख़ास बात ये भी है कि खुद अरुंधति राय ने जिग्नेश मेवानी को चन्दा दिए जाने की बात मानी है. अरुंधति ने कहा कि, ‘मैंने चंदा दिया, क्योंकि मुझे विश्वास है कि जिग्नेश मुख्यधारा की भारतीय राजनीति में एक तरह की सफलता का प्रतिनिधित्व करते हैं. उनके पास एक विजन और विश्वास है और हमें जिस दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है, उसके बारे में उनके पास एक बहुआयामी समझ है.’

इस बारे में जब जिग्नेश से सवाल किया गया तो उसने बताया कि आंदोलन की शुरुआत से हमने राजनीतिक दलों, कंपनियों या एनजीओ से कोई योगदान नहीं लिया है. जिग्नेश ने 27 नवंबर को घोषणा की थी कि वो गुजरात विधानसभा चुनाव में बनासकांठा जिले की वड़गाम सीट से चुनाव में निर्दलीय उतरेंगे. जिग्नेश को कांग्रेस का पिट्टू मानने के पीछे मुख्य वजह ये ही है कि उसके खिलाफ कांग्रेस और आप पार्टी का कोई भी उम्मीदवार खड़ा नहीं हो रहा है.


पीएम नरेंद्र मोदी से जुडी सभी खबरें व्हाट्सएप पर पाने के लिए 783 818 6121 पर Start लिख कर भेजें.

यदि आप भी जनता को जागरूक करने में अपना योगदान देना चाहते हैं तो इसे फेसबुक पर शेयर जरूर करें. जितना ज्यादा शेयर होगी, जनता उतनी ही ज्यादा जागरूक होगी. आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं.


सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें

फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments