Home > ख़बरें > गुस्से में आये पीएम मोदी ने सेना को दिए ऐसे आदेश, जान बचाकर भाग खड़े हुए पत्थरबाज

गुस्से में आये पीएम मोदी ने सेना को दिए ऐसे आदेश, जान बचाकर भाग खड़े हुए पत्थरबाज

pellet-gun-in-kashmir

नई दिल्ली : बीते कुछ दिनों से घाटी में पत्थरबाजों का उत्पात एक बार फिर शुरू हो गया है. हाल ही में आतंकियों के एनकाउंटर के वक़्त पत्थरबाजों के कारण भारतीय सेना के कई जवानों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. जिसके बाद से सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बेहद गुस्से में आते हुए सुरक्षाबलों को पत्थरबाजों के खिलाफ सख्ती बरतने के आदेश दिए थे. लेकिन अब जो खबर सामने आ रही है उसके बाद पत्थरबाज दोबारा कभी सेना पर पत्थर फेकने का दुःसाहस नहीं करेंगे.

पेलेट गन की कश्मीर में वापसी

खबर आयी है कि कश्मीर के पत्थरबाजों के उत्पात को ख़त्म करने के लिए सरकार ने एक बार फिर सेना के हाथ में पेलेट गन थमा दी है. आपको बता दें कि पिछले साल भी सेना ने पत्थरबाजों पर पेलेट गन का इस्तमाल किया था लेकिन देश के ही कुछ तथाकथित नेताओं और वामपंथियों ने इस पर बड़ा बवाल खड़ा कर दिया था.

सुरक्षाबलों पर आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने निर्दोष लोगों की आँखों की रौशनी छीन ली थी जबकि सुरक्षाबलों के मुताबिक़ उन्होंने पेलेट गन केवल पत्थर फेकने वालों पर ही चलाई थी. यदि कोई उग्र प्रदर्शन में शामिल ही नहीं है तो उसे छर्रे कैसे लग सकते हैं?


उसी बवाल से बचने के लिए इस बार पेलेट गन के इस्तमाल के लिए कुछ नियम रखे गए हैं साथ ही गन में कुछ बदलाव भी किये गए हैं. तय किया गया है कि पैलेट गन की गोली अब पत्थरबाजों के पैरों पर मारी जायेगी. कोशिश रहेगी की आँखों में छर्रे ना लगें. इसके साथ ही पेलेट गन की नली पर एक डिफ्लेक्‍टर लगाया जाएगा जो छर्रों को ऊपर जाने से रोकेगा, जिससे छर्रे कमर के नीचे ही लगेंगे.

यूँ तो सुरक्षाबलों प्रदर्शनकारियों को लाठी या आंसू गैस से ही रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन जब पत्थरबाज बेहद उग्र हो उठते हैं और सैनिकों की जान पर बन आती है ऐसे में उन्हें रबर की गोलियों के जरिये से रोकने की कोशिश करनी पड़ती है. सीआरपीएफ के महानिदेशक दुर्गा प्रसाद के मुताबिक़ सुरक्षाबलों के जवानों की पूरी कोशिश रहती है कि लोगों को कम से कम चोट पहुचे. लेकिन, जब भीड़ भयानक रूप से पत्थरबाजी पर उतारु हो जाति है तब कड़े फैसले लेना मजबूरी हो जाती है.  पेलेट गन के वापस आते ही अलगाववादियों और पत्थरबाजों में दहशत फ़ैल गयी है, कहा जा रहा है कि अब पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी देखने को मिलेगी.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments