Home > ख़बरें > पीएम मोदी की योजना से सेना को मिला सबसे घातक शस्त्र, चीन समेत पाक फ़ौज तक में मचा हड़कंप

पीएम मोदी की योजना से सेना को मिला सबसे घातक शस्त्र, चीन समेत पाक फ़ौज तक में मचा हड़कंप

नई दिल्ली : भारतीय सेना कश्मीर में और पाकिस्तान सीमा पर आज बहुत खतरनाक साबित हो रही है. जहाँ एक तरफ घाटी में आतंकियों को चुन चुन के मार गिराया जा रहा है तो वहीँ पाकिस्तान से आ रहे आतंकियों या पाक फौजियों को भी सेना मुहतोड़ जवाब दे रही है. लेकिन समय के साथ आज भारतीय सेना को भी अत्याधुनिक बनना होगा जिसके लिए अब बेहद शानदार कदम उठाया गया है.


सेना में भी घोटाले करने में नंबर वन थी कांग्रेस

पिछली सरकारों की मूर्खता की वजह से भारतीय सेना आज तक दूसरे देशों के बेकार हो चुके हथियारों को चला रही थी. दूसरे देश आधुनिक होते जाते हैं और अपने छोड़े हुए हथियार, विमान हमारी सरकार खरीदती रहती थी और उसमें भी हज़ारों करोड़ के घोटाले करती थी जैसे बोफोर्स तोप, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर, रफाएल लड़ाकू जेट घोटाला. लेकिन अब वक़्त और सरकार दोनों बदल गए है.

भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की ताक़त बढ़ेगी कई गुना

पीएम मोदी के मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब भारत न सिर्फ अपने देश में हथियार बना रहा है बल्कि अब भारत ने दूसरे देशों को बेचना शुरू कर दिया है जिससे करोड़ों रुपयों का मुनाफा भारतीय सेना तक पहुंच रहा है. इसी कड़ी में अब भारत ने आतंकवादियों से निपटने के लिए अपनी सेना को स्वदेशी निर्मित एके47 असाल्ट रायफल देने जा रही है. जिसका नाम रखा गया है “घातक”. ये एक सेकंड में गोलियों की बौछार करके आतंकवादी को छेदों वाली जाली बना देगी.


इस घातक असॉल्ट राइफल का नाम सुनकर ही अच्छे से अच्छे आतंकवादी के पसीने छूटने लगेंगे. इसे चीन सीमा की निगरानी करने वाली आईटीबीपी और पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ को भी दिया जाएगा. इस राइफल से अब सेना के जवान पहले से ज़्यादा खतरनाक साबित होंगे. इस असाल्ट रायफल को पश्चिम बंगाल के रायफल फैक्ट्री ईशापुर में “मेक इन इंडिया” योजना के तर्ज़ पर तैयार किया गया है.

भारतीय सेना के पास पहुंचा पहला “घातक”

पिछले कई सालों से सेना और अर्धसैनिक बल ऐसे हथियारों को मांग रही थी. लेकिन अब जाकर आटोमेटिक राइफल की कमी पूरी हुई है. देश की नवरत्न कंपनियों में से एक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने एके47 का देसी वर्जन ‘घातक’ तैयार किया है. आतंकवादियों पर निशाना लगाने और सीमा की सुरक्षा में कारगर इस रायफल का वजन बिना मैगजीन के 3.08 किलोग्राम है, जबकि लंबाई 890 mm है. यह एक साथ 30 राउंड गोलियां फायर करने की क्षमता रखने वाला यह रायफल प्रति मिनट 1000 राउंड फायर कर सकता है और 500 मीटर यानी आधा किलोमिटर की दूरी पर मौजूद दुश्मन पर बेहद सटीक निशाना लगाया जा सकता है.

आपको बता दें इस रायफल की मैगजीन प्लास्टिक और मेटल से बनी हुई है. इसमें लेजर लाइट लगाई जा सकती है. इसमें गोली चलाते समय आवाज न आए इसके लिए साइलेंसर भी फिट किया जा सकता है. जिससे आतंकवादी को पता भी नहीं चलेगा की कब कहाँ से किसने उसको 72 हूर से मिलवा दिया. तो वहीँ अब सेना को आधुनकि बुलेटप्रूफ वाहन और जैकेट भी मिलने शुरू हो गए हैं. जो एक सैनिक के जीवन के लिए सबसे ज़रूरी है


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments