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चीन बॉर्डर पर बुरी तरह बिगड़े हालात, अमेरिका के इस फैसले के बाद भारतीय नौसेना आयी एक्शन में

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वाशिंग्टन : पिछले एक महीने से भी ज्यादा वक़्त से चीन इस इलाके में सड़क निर्माण करने के लिए अड़ा हुआ है. भारतीय सेना भी चीनी सैनिकों को रोकने के लिए बॉर्डर पर तैनात है. अब जो खबर सामने आ रही उसके मुताबिक़ डोकलाम को लेकर सीमा विवाद का झगड़ा अब चीन पर बुरी तरह से भारी पड़ गया है.

भारतीय नौसेना को परमाणु हथियार देगा अमेरिका ?

केवल बॉर्डर पर ही नहीं बल्कि कई अन्य मोर्चों पर भी चीन भारत को परेशान करने की नीति पर काम कर रहा है. एक ओर तो चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत डोकलाम में घुसपैठ करने की कोशिशें कर रहा है, दूसरी ओर चीन पाकिस्तान को भारत के खिलाफ इस्तमाल कर रहा है. साथ ही भारत को तबाही की धमकियां भी देने लगा है.

डोकलाम में चीन के साथ जारी तनातनी के बीच अमेरिका ने भारत के पक्ष में खड़े रहने का फैसला ले लिया है. अमेरिका के पूर्व सेनेटर ने कहा है कि चीन से निपटने के लिए अमेरिका को भारतीय नेवी की मदद करनी चाहिए. अमेरिका को भारतीय सेना को परमाणु हथियारों की मदद करनी चाहिए.


अमेरिका के पूर्व रिपब्लिकन सेनेटर लैरी प्रेसलर ने अपनी किताब में इस बात को कहा है. प्रेसलर इससे पहले वियतनाम में काम कर चुके हैं. अपनी किताब में उन्होंने लिखा कि चीनी नौसेना फिलिपींस और वियतनाम में अमेरिकी नौसेना को टक्कर दे रही है, इसका जवाब अमेरिका को भी देना चाहिए. साथ ही भारतीय नौसेना को परमाणु हथियारों की मदद देनी चाहिए ताकि चीन की अक्ल ठिकाने लगाई जा सके.

चीन के लिए हारी बाजी है डोकलाम विवाद

अमेरिका के साथ आने के बाद चीन बड़ी मुश्किलों में फंस गया है. भारत तो पीछे हटने से रहा, यदि चीन हमला करता है तो भारतीय सेना चीन को धुल चटाने में पूरी तरह समर्थ है. अमेरिका की मदद से काम और भी आसान हो जाएगा. यदि चीन पीछे हटता है तो अंतर्राष्ट्री मंच पर चीन की बड़ी थू-थू होगी क्योंकि चीन के लगातार युद्ध की धमकियां देने के कारण ये मामला अब एक अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है. दुनियाभर के देशों ने इस मुद्दे पर अपनी नज़रें गड़ायी हुई हैं.

चीन के पीछे हटने की ख़बरें सारी दुनिया की मीडिया में छा जाएंगी. जहाँ एक ओर भारत का कद विश्व स्तर पर और भी ऊंचा हो जाएगा, वहीँ चीन का कद काफी कम हो जाएगा. इसका असर भारत-पाक संबंधों पर भी पडेगा. पाकिस्तान को स्पष्ट सन्देश जाएगा कि जिस भारत के सामने चीनी सेना को भी पीछे हटना पड़ा, उसके सामने पाकिस्तान जैसे छोटे और गरीब देश की क्या बिसात.


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