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मुन्नाभाई डॉक्टर कफील खान को इलाहबाद हाई कोर्ट ने जड़ा तमाचा, बच्चों के हत्यारे को मिली ऐसी सज़ा


गोरखपुर : गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 29 अगस्त की रात 12 बजे से 30 अगस्त की रात 12 बजे तक 24 घंटे में 13 बच्चों की मौत हो गयी थी. सिर्फ इन्ही बच्चों का नहीं बल्कि इससे पहले भी सैकड़ों अनेक मासूम बच्चों के हत्यारे डॉक्टर कफील अहमद खान को अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज़ोरदार तमाचा जड़ा है.

इलाहबाद हाई कोर्ट ने हत्यारे कफील खान को दिया झटका

अभी यूपी से ही बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमें मासूम बच्चों के हत्यारे डॉक्टर कफील अहमद खान की याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिरे से ख़ारिज कर दिया है. इस हत्यारे डॉक्टर की बेशर्मी देखिये साहब कोर्ट में याचिका दी थी कि सिर्फ इस अकेले की गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी जाए और दर्ज की गयी एफआईआर भी रद्द कर दी जाए. कफील के साथ-साथ असिस्टेंट एकाउंटेंट क्लर्क संजय त्रिपाठी की भी अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है.

बच्चों के इलाज में इतनी बड़ी लापरवाही और सरकारी अस्पताल के ऑक्सीजन सिलेंडर को चुराकर अपनी प्राइवेट क्लिनिक में लगाने जैसे संगीन आरोप को देखते हुए जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अनिरुद्ध सिंह ने कफील को लताड़ते हुए याचिका ख़ारिज कर दी. कफील को यूपीएसटीएफ ने फरार चल रहे कफील खान को धर दबोचा था. कफील अहमद बीआरडी अस्पताल मे उसी वॉर्ड के सुपरिंनटेडेट थे, जिसमे बच्चों की लागातार मौत हो रही थी.


डॉ. कफील पर अब भ्रष्टाचार का केस भी चलेगा

मासूम बच्चों के हत्यारे डॉ. कफील खान पर अब भ्रष्टाचार का केस भी चलेगा. पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा (7/13) बढ़ा दी है. अभी तक डॉ. कफील पर इलाज में लापरवाही, आईटी एक्ट और प्राइवेट प्रैक्टिस करने का ही केस दर्ज था. ऑक्सीजन की कमी के बीच हुई बच्चों की मौत मामले में निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. कफील खान समेत नौ नामजद आरोपियों पर अलग-अलग धाराएं लगाई गई थीं.

उम्रकैद तो मिल कर रहेगी

इसके साथ-साथ डॉ. कफील पर भी पुलिस का शिकंजा कसा है. पहले उन्हें आपराधिक साजिश, मानव वध की कोशिश, धोखाधड़ी, 66 आईटी एक्ट, 15 मेडिकल काउंसिल एक्ट की धाराओं का आरोपी बनाया था. नए सबूत मिलने के बाद भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश की धारा और बढ़ाई गई है. जिनमें अब उम्र कैद मिलना तो पक्का ही है.

दूसरे की जगह एग्जाम देता था मुन्नाभाई डॉक्टर कफील खान

डॉक्टर कफील खान से जुड़ी कई नई बातें सामने आ रही हैं. दिल्ली पुलिस ने साल 2009 में डा. कफील को विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट परीक्षा में दूसरे अभियार्थी का परीक्षा पेपर देने के जुर्म में गिरफ्तार किया था. उस समय एक अन्य महिला डाक्टर की भी गिरफ्तारी हुई थी, जो दूसरे के नाम पर परीक्षा दे रही थी. पुलिस ने दावा किया था कि डा. कफील और संगीता ने डेढ़ से तीन लाख रुपये लेकर परीक्षा पास करने का दावा किया था. इसके अलावा डा. कफील पर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का भी मुकदद्मा दर्ज है.

डॉ. कफील को देखने के बाद कैदी बोला- आओ मियां तुम्हारी ही कमी थी

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मीडिया द्वारा बनाये गए हीरो से विलैन बने डॉक्टर कफील खान का इतिहास बेहद खतरनाक रहा है. दिल्ली के तिहाड़ जेल में कफील के साथ बंद रहे एक कैदी ने गोरखपुर जिला जेल में कफील का स्वागत किया. डॉ. कफील को देखने के बाद वह कैदी बोला कि आओ मियां तुम्हारी ही कमी थी. दरअसल यह वहीं कैदी है जिसके साथ डॉ. कफील खान दिल्ली की तिहाड़ जेल में कभी तीन महीना गुजार चुके हैं. कैदी के कैसे क्या हुआ के सवाल पर डॉ. कफील ने उससे कहा कि सब अल्लाह की मर्जी है.


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