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राम मंदिर पर मुस्लिमों ने किया ऐसा काम, देश की राजनीति में मची खलबली, ओवैसी, आजम सन्न

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लखनऊ : केंद्र में मोदी सरकार बनते ही राम मंदिर मुद्दा अपना सर उठाने लगा था और अब उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत के बाद योगी आदित्यनाथ ने जब से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तब से तो ये मुद्दा और भी ज्यादा गरमा गया है. लेकिन अब जो खबर सामने आ रही है, उसने तो मानो देश की राजनीति में जबरदस्त खलबली मचा दी है.


मुस्लिमों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन !

दरअसल योगी के मुख्यमंत्री बनते ही कयास लगाए जाने लगे कि अब राम मंदिर पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा. उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी अदालत के बाहर मुस्लिमों के साथ बातचीत के जरिये मुद्दे को सुलझाने की अनुमति दे दी. अब खबर आ रही है कि राम मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिमों ने भी हिंदुओं का साथ देने का मन बना लिया है.

मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की अनुमति के लिए ऑल इंडिया शिया मंच के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर मामले को¨हिन्दू-मुस्लिम दोनों समुदाय की आपसी सहमति से सुलझाने के सुझाव का स्वागत किया. इतना ही नहीं बल्कि एक कदम और आगे बढ़ाते हुए ऑल इंडिया शिया मंच के प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी भेज दिया.

आपसी भाईचारे के लिए मंदिर निर्माण पर सहमति !

मंच के अध्यक्ष एडवोकेट खुर्शीद आगा की अगुवाई में ऑल इंडिया शिया मंच के लोगों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर एक दिवसीय धरना भी दिया. धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष खुर्शीद आगा ने राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया जिसमे आपसी सहमति की बात कही गयी थी. अध्यक्ष खुर्शीद आगा ने कहा कि इस्लाम धर्म तो आपसी प्रेम, भाईचारा, सर्वधर्म सम्मान व त्याग की शिक्षा देता है.


मस्जिद बनाने की बात पर उन्होंने कहा कि इस्लामिक कानून के मुताबिक़ मस्जिद तो किसी भी पवित्र जगह पर बनायी जा सकती है. बिना जमीन के मालिक की इच्छा हासिल की गयी जमीन पर मस्जिद बनाना तो शरियत के खिलाफ है. यदि जमीन के मालिक की इच्छा न हो तो ऐसी जमीन पर मस्जिद बनाना तो दूर, कोई अन्य धार्मिक कार्य भी नहीं किया जा सकता.

मंच के उपाध्यक्ष सैयद अली अश्तर ने कहा कि यदि किसी मंदिर को तोड़कर वहां मस्जिद बनायीं गयी थी, तो हम वहां फिर से मंदिर बनवाने की अनुमति चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इस्लाम शिक्षा देती है कि नफरत ख़त्म करके सभी समुदायों के बीच आपसी भाईचारा बनाये रखना चाहिए.

वहीँ प्रदेश के हिन्दू समुदाय के लोगों ने भी शिया मंच की इस पहल का स्वागत किया. लोगों ने कहा कि अब उन्हें यकीन है कि अयोध्या में मंदिर जरूर बनेगा और योगी जी के मुख्यमंत्री रहते हुए ही बनेगा.


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