Home > ख़बरें > अभी अभी : अखिलेश के बड़े मंत्री पर चला सीएम योगी का बुलडोज़र, अखिलेश मुलायम कुनबे में हड़कंप

अभी अभी : अखिलेश के बड़े मंत्री पर चला सीएम योगी का बुलडोज़र, अखिलेश मुलायम कुनबे में हड़कंप

लखनऊ : प्रदेश में योगी सरकार के आने से सभी सोते हुए अधिकारीयों को काम पर लगा दिया गया है. इससे पहले कामचोरी और भरष्टाचारी ने एक एक अधिकारी को खोखला करके रख दिया है.अखिलेश सरकार में मंत्री और अन्य अधिकारी किस तरह कानूनों की अनदेखी कर रहे थे, ये इस शनिवार को देखने को मिला. इलाहबाद के हाईकोर्ट ने सपा में खनन मंत्री पर लम्बे वक़्त से कार्यवाही न किये जाने पर अधिकारीयों को फटकार लगायी थी और दो दिन में कार्यवाही करने के आदेश दिए जिसके बाद आज उस मंत्री की अवैध दुनिया को मिटटी में मिला दिया गया.

4 दिन में ढहा दिया अखिलेश के पूर्व मंत्री का अवैध आशियाना

अभी अभी खबर आयी है कि अखिलेश सरकार में खनन मंत्री और गैंगरेप तथा पॉक्सो के मामले में जेल जाने वाले गायत्री प्रजापति के गैरकानूनी तरीके से बनाये गए आलिशान इमारत पर बुलडोज़र चलवा दिया गया. खबरों के मुताबिक काफी वक़्त से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को नोटिस दिया जा चुका था लेकिन फिर भी पूर्व सरकारों के दबाव में अवैध आलीशान इमारत को गिराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थे. इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और एलडीए की टीम को ज़ोरदार फटकार लगायी. दरअसल ये अवैध इमारत एलडीए की ज़मीन पर ही पूर्व मंत्री ने गायत्री ने बनाया हुआ था.

गायत्री प्रजापति पर मेहरबान थे LDA इंजिनियर

दरअसल, गायत्री प्रजापति के इस बंगलो पर व्यावसायिक निर्माण चल रहा था, लेकिन मंत्री के रसूख की वजह से इंजीनियर अधिकारी अपनी आंखें मूंदे चुपचाप बैठे थे. बताया जा रहा है कि हर महीने इंजीनियर और अधिकारी इस अवैध निर्माण से अच्छी-खासी मोटी रकम वसूली भी कर रहे थे. गायत्री प्रजापति का यह आशियाना एलडीए के नाक के नीचे ही बन रहा था, लेकिन आज इसे मिटटी में मिला दिया गया.

करीब 10,000 ईमारत और 20,000 घर ऐसे और हैं जो पूरी तरह अवैध हैं

प्रजापति फिलहाल सामूहिक बलात्कार के आरोप में जेल में बंद हैं. लखनऊ शहर में अगर आंकड़ों को देखें तो करीब करीब 10 हजार इमारतों अभी ऐसी और हैं जिनका नक्शा पास नहीं है. साथ ही करीब 20 हजार घरों का नक्शा और निर्माण में बहुत बड़ी धांधली चल रही है. लचर अधकारियों की वजह से ही पिछले पांच सालों में केवल 500 अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है, जबकि तामील होने वालों की संख्या इससे भी कम रही.

करी जा रही थी टालमटोली

ख़बरों के मुताबिक अवैध इमारत बचाने के लिए एलडीए इंजिनियरों ने बड़ी साजिश रची. पहले इस अवैध निर्माण को कोई एसपी सिंह के फर्जी नाम पर दिखाया. इसे गिराने के लिए चार महीने मुकदमा भी चला. 22 दिसंबर 2016 को एसपी सिंह के नाम पर बन रही इमारत तोड़ने का आदेश पास हुआ तो अवैध निर्माण को गायत्री प्रजापति का बता दिया गया. इसके बाद दोबारा मुकदमा शुरू हुआ, और ज़्यादा वक़्त बर्बाद किया गया , उसके बाद 25 अप्रेल को ध्वस्तीकरण का आदेश आया.

इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments