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बाबरी विध्वंस के बाद अब इस मस्जिद को लेकर खड़ा हुआ बवाल,कपिल सिब्बल को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली : अभी राममंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में चले जा रहा है जिसकी अगली सुनवाई अब 8 फ़रवरी 2018 को होनी है. वैसे सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील और कांग्रेसी कपिल सिब्बल ने तो कोर्ट के सामने मांग रखी थी कि राम मंदिर की सुनवाई 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद हो वरना इससे चुनाव पर असर पड़ेगा. दरअसल कपिल सिब्बल राममंदिर के विरोध में केस लड़ रहे हैं, इस वजह से उन्हें कांग्रेस के 2019 चुनाव हारने का डर भी सताने लगा है. तो वहीँ अब बाबरी मस्जिद के विध्वंस के दिन से अब जामा मस्जिद को लेकर नई बहस छिड़ गयी है, जिसे देशभर में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है.


बाबरी के बाद अब जामा मस्जिद को लेकर खड़ा हुआ बवाल

अभी-अभी मिल रही खबर अनुसार विनय कटियार ने राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए बुधवार को दिल्ली की जामा मस्जिद को भी विवादित ढांचा बता दिया. उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को बाबर, शाहजहां और औरेंगजेब की औलाद बताया है.कटियार का कहना है कि कांग्रेस जानबूझकर इस पूरे मामले में अड़ंगा डाल रही हैं. वह चाहती है कि यह विवाद बना रहे. इसलिए कपिल सिब्बल ने यह कहा है कि 2019 के बाद इसकी सुनवाई हो.

जामा मस्जिद है जमुना देवी का मंदिर

इसके बाद कटियार ने ये तक कह डाला कि जामा मस्जिद जमुना देवी का मंदिर था. उन्होंने कहा मंदिर औरंगजेब ने तोड़ा था. मथुरा, काशी विश्वनाथ में हमारे मंदिरों को तोड़ा है. हम विषय उठाना नहीं चाहते, ये जो दिल्ली की जामा मस्जिद है वो जमुना देवी का मंदिर है. अगर इस विषय में पढ़ेंगे तो साढे 6 हजार हमारे स्थान हैं. फिर हम उन पर डेरा डालेंगे.

इसके बाद विनय कटियार ने राममंदिर को लेकर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया. विनय कटियार ने कहा, जहां पर राम लला विद्यमान है वह जमीन भी रामलला की है. लोग दर्शन करने भी आ रहे हैं. दर्शन करने वालों की संख्या पहले से ज्यादा बढ़ी है. इसलिए किसी बात को लेकर कोई दुविधा नहीं है. राम मंदिर वहीं बन कर रहेगा. उसको कोई नहीं रोक सकता. विनय कटियार का कहना है कि इस पूरे मामले की सुनवाई हर रोज होनी चाहिए.


विनय कटियार ने कहा, इस केस में सुनवाई तो लगातार होनी चाहिए, बीच में रुकनी नहीं चाहिए. इसमें जो निर्णय होगा उसको बाद में देखेंगे. कपिल सिब्बल ने जो बात कही है वो गलत है. ये सब बाबर, शाहजहां और औरंगजेब की औलादें हैं. इसी कारण से बवाल लगा हुआ है, नहीं तो अब तक मंदिर बन जाता. इस केस को टालने का काम हमेशा कांग्रेस करते रही.

मंदिर बनकर रहेगा

सुन्नी वक्फ बोर्ड पर विनय कटियार का कहना है कि वह गलत कह रहे हैं. उनका हर केस कपिल सिब्बल ही लड़ते हैं. कांग्रेस चाहती है कि ये विवाद ऐसे ही बना रहे. कांग्रेस मस्जिद बनाना चाहती है. वो मस्जिद की समर्थक है. वह चाहते हैं कि किसी भी कीमत पर मस्जिद बन जाए. यह होने वाला नहीं है. दुनिया इधर से उधर पलट जाए, लेकिन यह होने वाला नहीं है. मंदिर बनकर रहेगा. वहां मंदिर है और आगे भी रहेगा. इसको न कोई हटा सकता है और न ही हिला सकता है. इसमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं हो सकता है.

ताजमहल का असली नाम तेजोमहालय

आपको बता दें कि विनय कटियार ने जामा मस्जिद को जमुना देवी का मंदिर बताने से पहले ताजमहल को भगवान शिव का मंदिर बताया था. विनय कटियार ने तब कहा था कि ताजमहल का असली नाम तेजोमहालय है और ये एक शिव मंदिर था. विनय कटियार के मुताबिक भगवान शिव के मंदिर को तोड़कर ताजमहल बनाया गया है.

हालाँकि आपको बता दें आज भी ताजमहल की दीवारों पर ओम की आकृति बानी हुई हैं. तो वहीँ गुम्बद पर कलश नारियल की आकृति दिखाई देती है. तो वहीँ ताजमहल के मुख्यद्वार पर एक लाल कमल की आकृति बनी हुई है. ताज महल में आज भी संगमरमर की जाली में 108 कलश चित्रित है मन्दिर परंपरा में 108 की संख्या को पवित्र माना जाता है. यही नहीं 1985 में न्यूयार्क के पुरातत्वविद प्रो. मर्विन मिलर ने ताज के दरवाजे की लकड़ी की कार्बन डेटिंग के आधार पर यह सिद्ध किया कि यह दरवाजा सन् 1359 के आसपास अर्थात् शाहजहाँ के काल से लगभग 300 वर्ष पुराना है.


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