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ब्रेकिंग: तनाव के बीच इजराइल ने दिया भारत को चीन की तबाही का सामान, चीनी सेना ने खड़े किये हाथ

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नई दिल्ली : डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच पिछले दो महीने से विवाद चल रहा है. युद्ध की धमकियों के बीच खबर आ रही है कि चीन अपनी सेना को डोकलाम में विवादित इलाके 100 मीटर पीछे हटाने के लिए तैयार हो गया है. भारतीय सेना को चीन की धज्जियां उड़ाने वाला एक ऐसा फाइटर प्लेन मिल गया, जिसे देख चीन की रूह काँप उठी है.

एक साथ कई जगहों पर तबाही मचाने आ गया ये फाइटर प्लेन

पीएम मोदी की इजराइल यात्रा के सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं. चीन के साथ तनाव के बीच इजराइल ने तुरंत सहायता करते हुए भारत को ऐसी तकनीक दी है, जिससे भारतीय वायुसेना की ताकत अमेरिका व् रूस के बराबर हो गयी है.

इस फाइटर प्लेन के जरिये एक साथ दुश्मनों के कई ठिकानों को एकबार में ही तबाह किया जा सकता है. यानी एक ही फाइटर प्लेन दस-दस के बराबर हो गया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने इजरायल की फर्म की सहायता से जगुआर फाइटर प्लेन को आधुनिक राडार टेक्नॉलॉजी एईएसई से तैयार कर लिया है.

जगुआर लड़ाकू विमान ने अत्याधुनिक AESA रडार के साथ अपनी पहले सफल उड़ान भरी है. इस तकनीक के जरिये जगुआर लड़ाकू विमान दुश्मन के इलाके में अंदर तक जाकर एक साथ कई ठिकानों को तबाह कर सकता है.


बुरी तरह तबाही मचाने में सक्षम है जगुआर

जगुआर ड्रेन थ्री को एचएएल ने भारतीय वायुसेना के लिए अपग्रेड किया है. फाइटर प्लेन में मल्टी टार्गेट ट्रैकिंग फ्रीक्वेंसी यानी कई टारगेट को एक साथ ट्रैक करना, इंटरलीव्ड मोड ऑफ ऑपरेशन, हाई एक्यूरेसी एंड रेज्यूलूशन, हायर बैंडविथ ऑफ ऑपरेशन जैसे सिस्टम को अपग्रेड किया गया है.

इस बेहद आधुनिक रडार द्वारा अब लड़ाकू विमान में बैठा वायुसेना का पायलट एक साथ कई निशाने साध सकता है. निशाने लॉक होते ही, पलभर में एकसाथ कई मिसाइलें निकल कर ऐसे सटीक वार करेंगी कि दुश्मन को बचने का कोई मौक़ा तक नहीं मिलेगा. ऐसे दस फाइटर प्लेन किसी देश की पूरी एयरफोर्स पर भारी पड़ेंगे.

अब तक देश में किसी लड़ाकू विमान में ऐसा रडार नहीं था. राफेल और बोइंग के नए लड़ाकू विमानों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. AESA रडार के अलावा जगुआर विमान 28 और नए 28 नए सेंसर से भी लैस होंगे. यानी पहले ही भारतीय वायुसेना चीन से ज्यादा ताकतवर थी और अब इस तकनीक के बाद तो भारतीय वायुसेना का एक-एक लड़ाकू विमान चीन के लिए मौत का दूत साबित होगा.


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