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गुस्से में आये सीएम योगी ने छेड़ी आर-पार की लड़ाई, दे दिए हाहाकारी आदेश, अखिलेश कुनबे में हड़कंप

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लखनऊ : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास के साथ-साथ पिछली सरकारों के वक़्त हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ भी अपनी कमर कस ली है. वो एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले लेते जा रहे हैं. ख़बरों के मुताबिक़ उनके फैसले लेने की तेजी देखकर सभी अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री तक हैरान हैं. इसी के चलते सीएम योगी ने एक और बड़ा ऐतिहासिक फैसला ले लिया, जिसके सामने आते ही सपा सरकार में जोरदार खलबली मच गयी है.


गोमती रिवर फ्रंट की न्यायिक जांच !

दरअसल सीएम योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. सबसे बड़ी बात तो ये हैं कि ये जांच कोई सालों-साल चलने वाली नहीं है बल्कि जैसे ताबड़तोड़ फैसला लिया गया है, उसी तरह ताबड़तोड़ जांच भी की जायेगी. रिवर फ्रंट प्रॉजेक्ट में हुई देरी और अनियमितता के आरोपों की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और केवल 45 दिनों के अंदर-अंदर अपनी रिपोर्ट भी पेश करेंगे.

बताया जा रहा है कि यदि जांच में किसी तरह का घपला या घोटाला सामने आता है तो अखिलेश सरकार के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं. अभी हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट का दौरा किया था और वहां की हालत देखते हुए अधिकारियों को फटकार भी लगायी थी.

नप सकते हैं कई बड़े अधिकारी व् नेता !

योगी ने सवाल उठाया था कि प्रॉजेक्ट का बजट जितना होना चाहिए, उससे काफी ज्यादा क्यों है? उन्होंने अफसरों से कहा था कि वो एक बार फिर से बजट का एस्टिमेट तैयार करें. इसके बाद गोमती का गंदा पानी देखते हुए योगी भड़क उठे और अधिकारियों से पूछा कि गोमती का पानी इतना गंदा क्यों है? क्या बजट के सारे पैसे पत्थर लगाने में ही खर्च कर दिए?


इसके साथ ही सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बात की व्यवस्था की जाए कि गोमती नदी में एक भी नाला न गिरे और मई महीने तक गोमती का पानी बिलकुल स्वच्छ हो जाए. इसके बाद उन्होंने घूम-घूमकर पूरे रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट का बारीकी से निरिक्षण किया.

रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत गोमती के 6 किलोमीटर हिस्से को तीन मीटर गहराई में गहरा किया गया. लेकिन शायद योगी को शक हो गया कि नदी को गहरा करने का काम सिर्फ पेपर पर ही किया गया है, इसलिए उन्होंने इसपर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से पुछा कि, यदि नदी की गहराई बढ़ाने के लिए इतनी सारी मिटटी निकाली गयी तो वो सारी मिटटी आखिर गयी कहाँ, मिटटी को कहाँ फेंका गया?

अखिलेश का ड्रीम प्रोजेक्ट !

गौरतलब है कि पिछले साल 16 नवंबर को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अधूरी हालत में ही गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का लोकार्पण कर दिया था. पुर्व सीएम अखिलेश के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर अब तक लगभग 1427 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं लेकिन ये प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हुआ है.

ऊपर-ऊपर से सजावट के तौर पर गोमती नदी के दोनों किनारों का सौंदर्यीकरण किया गया है. नदी के किनारे जॉगिंग ट्रैक, साइकल ट्रैक और बच्चों के पार्क, डिज्नी ड्रीम शो, टॉरनेडो फाउंटेंस, वॉटर थिएटर इत्यादि बनाए गए हैं. इसके अलावा परियोजना के तहत योग केंद्र, विवाह भवन, ओपन थिएटर, क्रिकेट और फुटबॉल स्टेडियम भी बनवाया गया है.


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