Home > मुख्य ख़बरें > कांग्रेस ने दिया देश को इतना बड़ा धोखा? ये सनसनीखेज रिपोर्ट पढ़कर आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

कांग्रेस ने दिया देश को इतना बड़ा धोखा? ये सनसनीखेज रिपोर्ट पढ़कर आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

upa-govt-kasab

नई दिल्ली : अभी तक तो कांग्रेस केवल अपने भ्र्ष्टाचार और घोटालों के लिए ही मशहूर थी मगर अब कुछ ऐसा सामने आ रहा है जिस पर विशवास करना भी बेहद कठिन है. अभी-अभी आयी इस बेहद हैरतअंगेज और सनसनीखेज रिपोर्ट को पढ़कर आपको अपनी आँखों पर यकीन ही नहीं होगा.

कसाब की फ़ासी के नाम पर फरेब

आपको याद होगा कि पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 नवम्बर, 2008 में मुंबई में आतंकी हमला किया था. इस हमले में ज़िंदा पकड़े गए इकलौते आतंकी अजमल कसाब की फांसी को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए जा रहे हैं कि आतंकी कसाब को दरअसल कभी फांसी दी ही नहीं गयी, बल्कि फ़ासी के नाम पर कांग्रेस द्वारा देश की जनता की आँखों में धुल झोंकी गयी.

गौरतलब है कि 21 नवंबर 2012 को सुबह-सुबह अचानक से इस बात का खुलासा किया गया कि अजमल कसाब को पुणे की येरवडा जेल में फांसी दे दी गयी. कांग्रेस सरकार की ओर से इस फांसी से जुडी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, जिसके पीछे सुरक्षा और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने का कारण दिया गया था.

आर्थर रोड जेल के कर्मचारियों ने खोली पोल

लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में अब दावा किया जा रहा है कि कसाब की मौत फांसी से नहीं बल्कि किसी अन्य वजह से हुई थी. ये दावे किसी और के नहीं बल्कि मुंबई की आर्थर रोड जेल के ही कुछ कर्मचारियों के हवाले से सामने आ रहे हैं.


रिपोर्ट्स में सवाल खड़े किये जा रहे हैं कि पहले तो कांग्रेस सरकार कसाब की खातिरदारी में व्यस्त थी, उसके लिए मुंबई की आर्थर रोड जेल में काफी इंतजाम भी किए गए थे. उसे रखने के लिए एक अलग सेल तक बनाई गई थी. इतना सब करने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किये थे. एक आतंकी पर देश का इतना पैसा खर्च करने के लिए इसके लिए यूपीए सरकार को काफी आलोचना का सामना भी करना पड़ा था. तो फिर आखिर एकाएक ऐसा क्या हो गया कि सरकार ने अचानक उसे सबसे पहले फ़ासी पर चढ़ाने का फैसला कर लिया?

यूपीए सरकार के तर्क यकीन के लायक नहीं

सबसे पहले तो आनन-फानन में कसाब को मुंबई की आर्थर रोड जेल से पुणे की येरवडा जेल भेजा गया और इसके लिए यूपीए सरकार ने तर्क दिया कि मुंबई में कोई जल्लाद नहीं था इसलिए कसाब को फांसी देने के लिए पुणे की जेल भेजा गया. लेकिन ये तर्क तो किसी कोने से यकीन करने लायक नहीं है क्योंकि यदि मुंबई में कोई जल्लाद नहीं था तो जल्लाद को पुणे से मुंबई बुलाना चाहिए था. उसकी जगह आतंकी को ही फांसी देने के लिए मुंबई से पुणे ले जाना तो अपने आप में बेहद जोखिम भरा काम था.

फांसी से नहीं डेंगू से मरा कसाब

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दरअसल मुंबई की जेल में कसाब को डेंगू हो गया था. इलाज में कुछ लापरवाही के कारण कसाब की तबीयत काफी बिगड़ गई और इजाल के दौरान ही वो मर गया. कांग्रेस सरकार को लगा कि यदि ये खबर बाहर आ जाती है तो इससे लोगों में सन्देश जाएगा कि कांग्रेस मुंबई हमले के इकलौते जिंदा बचे आरोपी को भी सजा नहीं दे पायी. इसलिए सुनियोजित षड्यंत्र के तहत एक झूठी कहानी रची गई.

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अपनी नाकामी को छुपा कर कांग्रेस ने इस झूठी कहानी से जनता की आँखों में धुल झोंकी और लोगों को ये बताया कि कांग्रेस सरकार आतंकियों के खिलाफ बेहद सख्त है जबकि सच्चाई इससे कोसों दूर थी. 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी इमेज सुधारने के लिए इतना बड़ा झूठ बोला. एक न्यूज वेबसाइट ने दावा किया है कि वास्तव में तो कसाब मुंबई में ही मर चुका था, जेल प्रशासन ने तो केवल उसका शव पुणे ले जाकर दफना दिया, क्योंकि यदि वो ऐसा मुंबई में करते तो मीडिया को इसकी भनक लग सकती थी.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments