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यूपी से आयी बेहद शर्मनाक खबर पढ़कर आपकी आँखें फटी रह जाएंगी, हिला के रख दिया पूरे देश को

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लखनऊ : प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी अपनी रैलियों में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार को गुंडों की सरकार कहते रहे हैं. उन्होंने यूपी को गुंडाराज मुक्त करने के लिए जनता से सपा को वोट ना देने की अपील भी की थी. अभी-अभी आयी इस बेहद शर्मनाक खबर को पढ़ने के बाद आपको भी यकीन हो जाएगा कि प्रधानमन्त्री कुछ गलत नहीं कह रहे थे.

अखिलेश के विधायक पर ह्त्या का मामला दर्ज

अखिलेश यादव ने यूपी के सुल्तानपुर जिले से सपा के जिस विधायक अरुण वर्मा के पक्ष में चुनाव प्रचार शुरू किया था उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है. सारी कहानी इतनी ज्यादा शर्मनाक है कि देखकर आपको अपनी आँखों पर यकीन ही नहीं होगा कि यूपी में ऐसे लोग विधायक बने हुए हैं.

सामूहिक बलात्कार के मामले में भी आरोपी

करीब 4 साल पहले एक युवती ने इस सपा विधायक पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया था. 9 अक्टूबर 2013 को कोर्ट में उसका लिखित बयान भी दर्ज किया गया था, जिसमें पीड़िता ने जयसिंहपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी विधायक अरुण वर्मा पर सात अन्य लोगों के साथ मिलकर उसका सामूहिक बलात्कार करने का आरोप लगाया था। मामला अभी कोर्ट में चल रहा था, जिसकी अगली सुनवाई 21 फरवरी को होनी थी लेकिन शनिवार को उस युवती की अचानक हत्या हो गई.

विधायक की प्राइवेट आर्मी की तरह पेश आ रही है पुलिस

अब लड़की के पिता ने सपा विधायक अरुण वर्मा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करा दिया है. आपको बता दें कि शुरुआत में पुलिस विधायक को इस मामले में क्लीन चिट दे चुकी है, जिसके बाद पुलिस पर आरोपी विधायक का साथ देने का आरोप भी लगा था. सामूहिक बलात्कार की घटना के वक़्त युवती नाबालिग भी थी.

इस मामले के चलते युवती को सुरक्षा भी दी गयी थी, मगर हाल ही में उसकी सुरक्षा हटा भी ली गई थी. अदालत ने “रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष” से पीड़िता को 7 लाख रुपए सहायता राशि भी दिए जाने का आदेश भी दिया था. सीओ सिटी वीपी सिंह ने 2 फरवरी 2014 को इस मामले में विधायक अरुण वर्मा को क्लीन चिट दे दी थी. जिसके बाद पीड़िता ने विधायक को दी गयी क्लीन चिट के खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन भी दायर की थी. पिटीशन पर निचली अदालत ने अग्रिम जांच के आदेश भी दिए थे लेकिन उन पर अमल नही किया गया. जिसके बाद पुलिस पर आरोपी विधायक को बचाने के आरोप लगे थे.

हाईकोर्ट ने भी लगाई थी पुलिस को फटकार

हर तरफ से निराश होने पर युवती के पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. कोर्ट ने भी पुलिस को खरीखरी सुनाते हुए पूछा था कि पुलिस आरोपी विधायक की प्राइवेट आर्मी की तरह क्यों पेश आ रही है. गृह सचिव एमपी मिश्रा के हस्तक्षेप करने के बाद सुल्तानपुर एसपी ने जांच अधिकारी को बदल कर केस नए जांच ऑफिसर को सौंप दिया था और पहले जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश भी दिया था.

यूपी में आम हो चुकी है सपा नेताओं की गुंडागर्दी

इससे पहले भी सपा के एक विधायक राधेश्याम सिंह पर पत्रकार को भद्दी-भद्दी गालियां देने और ज़िंदा जला देने की धमकी देने का मामला सामने आया था. कुल मिलाकर सारी घटना के बाद कहा जा रहा है कि यूपी में सपा के गुंडे ही विधायक बने बैठे हैं और पुलिस इन विधायकों की गुलाम की तरह पेश आती है. विधायकों के ज्यादातर अपराध तो कभी सामने आ ही नहीं पाते और जो एक-दो मामले सामने आते भी हैं उनमे भी पुलिस इन विधायकों को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाती नज़र आती है.

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