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मोदी के नोटबंदी से भी बड़ा फैसला लिया योगी ने, देश की राजनीति में मचा जोरदार हड़कंप !

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नई दिल्‍ली : योगी आदित्यनाथ ने यूपी के मुख्यमंत्री का पद संभालते ही ऐसे-ऐसे काम कर दिखाए जिससे पूरे देश में उनके नाम की धूम मच गयी है. उनका एक फैसला तो इतना क्रांतिकारी है कि देशभर के अलग-अलग राज्यों में एक किस्म की क्रान्ति की शुरुआत हो गयी है.


राजस्थान में हुआ कमाल !

दरअसल योगी ने यूपी में अवैध कत्लखानों को बंद कर दिया है, जिससे प्रेरित होकर झारखंड सरकार ने भी इन्हें बंद करने का फैसला किया. अब खबर आ रही है कि राजस्थान सरकार ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपना लिया है. जयपुर नगर निगम ने आदेश दिए हैं कि 1 अप्रैल से बिना लाइसेंस वाले सभी अवैध कत्लखानों और मीट की दुकानों को बंद कर दिया जाएगा.

सरकारी स्लॉटर हाउस में मीट कटवाएं दुकानदार !

केवल इतना ही नहीं बल्कि जयपुर में तो दुकानदारों को ये आदेश भी दिए गए हैं कि दूकान में कोई भी मीट, मुर्गा और मछली नहीं काट सकता है. नगर निगम के मुताबिक़ दुकानदारों को केवल मीट बेचने का लाइसेंस दिया है, यदि कुछ कटवाना है तो सरकार के एक मात्र स्लॉटर हाउस में फीस जमा कर के कटवाएं.

जयपुर के महापौर के मुताबिक़ अब ये सब और नहीं चलेगा कि जहां मन किया वहीँ मीट की दुकान खोल के बैठ गए और दुकान में ही मीट काटना शुरू हो गए. दुकानदारों को केवल मीट बेचने का लाइसेंस मिलेगा और यदि कोई भी मीट काटता हुआ पकड़ा गया तो उसका मीट बेचने का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा.

शर्तों को पूरा करने पर ही मिलेगा लाइसेंस !

वहीँ मीट बेचने वाले दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उनको ना तो लाइसेंस दिया जा रहा है और ना ही लाइसेंस को रिन्यू किया जा रहा है. सबके पास 2010 और 2011 के लाइसेंस हैं, जो काफी वक़्त पहले ही खत्म हो चुके हैं. इन दुकानदारों के मुताबिक़ वो लगातार नगर निगम का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें लाइसेंस नहीं मिल रहा है.

मगर इसकी जांच के बाद ये सामने आया कि मीट की दुकानों को लेकर जो लाइसेंस बने हैं, उनमें मीट दुकानों की साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और डीप फ्रिज जैसी शर्तें हैं. 90 फीसदी दुकानें इन शर्तों का पालन नहीं करती हैं. जिस वजह से उन्हें लाइसेंस नहीं दिया जा रहा है.


सौ गुना बढ़ाई गई लाइसेंस की फीस !

वहीँ जयपुर नगर निगम ने मीट बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस की फीस को 10 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है. इस सिलसिले में अशोक लाहोटी ने बताया कि 1977 में 10 रुपए लाइसेंस फीस का नियम बनाया गया था और तब से इसमें कोई बदलाव किया ही नहीं गया. इसलिए अधिकारियों ने इसे बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है.

वहीँ राजस्थान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि निजी कत्लखाने खोलने की इजाजत राज्य सरकार नहीं देगी. इसके अलावा बिना लाइसेंस के जो अवैध कत्लखाने धड़ल्ले से चल रहे हैं उन्हें भी बंद किया जाएगा. दुकानदारों को सरकारी स्लॉटर हाउस में ही मीट कटवाने की इजाजत होगी. जयपुर की सबसे पुरानी मीट मंडी घाटगेट में तो सैकड़ों दुकानें बिना लाइसेंस के ही चल रही हैं, जो या तो अब सभी शर्तों का पालन करते हुए लाइसेंस लेंगी या फिर उन्हें बंद कर दिया जाएगा.

बिहार में सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन !

यूपी, झारखंड और राजस्थान सरकार की देखा-देखी अब बिहार में भी बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अवैध कत्लखानों को बंद करवाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. इस मुद्दे को बिहार विधानसभा में उठाते हुए बीजेपी नेता प्रेम कुमार ने कहा कि यदि नीतीश सरकार बिहार में अवैध कत्लखानों के खिलाफ जल्द से जल्द कोई कार्यवाही नहीं करती है तो बीजेपी सड़क से लेकर सदन तक इसके लिए आंदोलन करेगी.

बीजेपी की धमकी से घबराकर बिहार सरकार के पशुपालन मंत्री अवधेश कुमार सिंह ने 2 दिन पहले ही राज्य के सभी अवैध क़त्लखानों को बंद करने के लिए जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है. एक अनुमान के मुताबिक़ फिलहाल बिहार में लगभग 150 कत्लखाने अवैध तरीके से चल रहे हैं.

नए भारत में देशव्यापी क्रान्ति की शुरुआत !

कुल मिलाकर देखा जाए तो योगी आदित्यनाथ के यूपी की सत्ता संभालते ही देशव्यापी बदलाव होने शुरू हो गए हैं. जानकारों के मुताबिक़ ये देश का दुर्भाग्य था कि गौपालक देश भारत में पिंक रेवोल्यूशन चल रहा था और देश दुनिया का सबसे बड़ा मीट एक्सपोर्टर बन चुका था लेकिन अब जल्द ही इसमें भारी कमी आने का अनुमान है.


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