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आप यूपी की ख़बरों में बिजी थे, वहां बिहार में नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर कर दिया खेल !

Modi-Nitish-Lalu

नई दिल्ली : बिहार में महागठबंधन की सरकार तो बन गयी लेकिन सरकार बनने के बाद से ही महागठबंधन में दरार की ख़बरें सामने आने लगी थी. पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी के जबरदस्त प्रदर्शन और खासतौर पर यूपी चुनाव में बीजेपी की बम्पर जीत के बाद तो बिहार की राजनीति में उबाल ही आ गया है. अभी-अभी बिहार से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने महागठबंधन में खलबली मचा दी है.

बीजेपी नेताओं संग दावत कर रहे नितीश !

दरअसल, बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के अंतिम दौर में पहुंचने के मौके पर पटना के 1 अणेमार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर सोमवार रात को एक दावत का आयोजन किया था. नितीश ने इस दावत में अपने सहयोगी दलों के साथ-साथ बीजेपी नेताओं को भी न्‍यौता भिजवा दिया. बिहार के सीएम की इस दावत में बीजेपी के सुशील कुमार मोदी समेत कई अन्य बीजेपी नेता शामिल हुए.

दरअसल ख़बरों के मुताबिक़ पिछले काफी वक़्त से नितीश लगातार बीजेपी से नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीँ नितीश और लालू के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है. अभी हाल ही में बिहार दिवस के अवसर पर पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भी लालू यादव अपने पूरे परिवार समेत उपस्थित नहीं हुए थे.

लालू के खिलाफ नितीश का दांव !

जिसके बाद खबर आयी थी कि कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नाम नहीं था और ये बात लालू को नागवार गुजरी और इसी के चलते लालू इस कार्यक्रम में नहीं आये. दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में एक साजिश के तहत पिछले दिनों लालू के बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग उठायी जाने लगी. इस तरह का माहौल बनाया जाने लगा जिससे लगे कि बिहार में सभी चाहते हैं कि नितीश कुमार को हटाकर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बना दिया जाए.

ख़बरों के मुताबिक़ राजनीति के मंझे हुए नेता नितीश को भी लालू की इस साजिश पर संदेह हो गया, जिसके बाद से दोनों में तनातनी बढ़ गयी और इसी के चलते बिहार दिवस के कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र पर तेजस्वी यादव का नाम नदारद दिखा. जिसके खफा लालू ने इस कार्यक्रम में ना जाना ही ठीक समझा. लालू के बिटवा तेजस्वी भी कावक्रम से नदारद रहे, हालांकि इसके पीछे उनकी खराब तबियत का हवाला दिया गया.

मोदी की “हाँ” का इन्तजार ?

कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार के सियासी हालात कुछ ठीक नहीं लग रहे हैं, ख़बरों के मुताबिक़ जैसे ही नितीश के बीजेपी के साथ राजनीतिक समीकरण ठीक हुए वैसे ही गठबंधन सरकार गिर जायेगी और नितीश एक बार फिर से एनडीए का हिस्सा बन जाएंगे.

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