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भारत को मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए मोदी का ऐतिहासिक फैसला, पूरे भारत में फिर चल पड़ी मोदी लहर

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नई दिल्ली : आतंक के खात्मे और भारत को मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी रात-दिन प्रयासरत हैं. अब इस दिशा में वो एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं, एक ऐसा कदम जिसे उठाने की हिम्मत आज से पहले देश के किसी प्रधानमन्त्री ने नहीं की. कहा जा रहा है कि मोदी का ये कदम वामपंथियों ,कांग्रेस्सियो, नकली समाजवादियो की राजनीती की चूले हिला के रख देगा. इस खबर के सामने आते ही पाकिस्तान में भी हड़कंप मच गया है.

विरोधियों को धता बताते हुए मोदी जायेंगे इजराइल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ भारत और इजराइल के राजनयिक संबंधों के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पीएम मोदी अब इजराइल की यात्रा पर जाने वाले हैं. आपको बता दें कि फ़र्ज़ी सेकुलरिज्म और तुष्टिकरण की नीति के कारण आजतक भारत के किसी भी प्रधानमन्त्री ने इजराइल की यात्रा नहीं की क्योंकि उन्हें डर था कि इससे भारत का एक विशेष वर्ग नाराज हो जाएगा और उनके वोटबैंक को ख़तरा होगा.

लेकिन नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत और इजराइल के संबंधों में काफी तेजी आई है. इसी के चलते अक्टूबर 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी इजराइल की यात्रा की थी. तब भी ऐसा पहली बार हुआ था जब भारत के किसी राष्ट्रप्रमुख ने इजराइल की यात्रा की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इजराइल के राष्ट्रपति रूवन रिवलिन को भारत आने का आमंत्रण भी दिया था जिसके बाद इसरायली राष्ट्रपति पिछले वर्ष भारत भी आये थे.

पीएम मोदी की इजराइल यात्रा की खबर के बाहर आने के बाद जहां एक ओर भारत और इजराइल दोनों ही देश काफी प्रसन्न हैं वहीं दूसरी ओर भारत के ही कुछ नेता और मीडिया का एक विशेष वर्ग इससे खफा दिखाई दे रहा है. कहा जा रहा है कि आजतक कोई भारतीय पीएम इसलिए इजराइल नहीं गया क्योंकि उन्हें डर था कि यदि भारत इजराइल से दोस्ती करता है तो ईरान और सऊदी अरब जेसे मुल्क भारत को तेल देना बन्द कर देंगे.

भारत का सबसे वफादार साथी है इजराइल

लेकिन पीएम मोदी के व्यक्तित्व का प्रभाव और उनकी विदेश नीति इतनी बेहतरीन है कि अब वो ना केवल इजराइल जा रहे हैं बल्कि इससे किसी भी अन्य मुल्क को कोई ऐतराज भी नहीं है. कहा जाता है कि इजराइल भारत का सबसे वफादार साथी है, पाकिस्तान के साथ हुई कारगिल की जंग में इजराइल ने भारत की सहायता की थी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ कारगिल की पहाड़ियों पर भारत के जवान पाक सैनिको का आसान शिकार बन रहे थे क्योंकि दुश्मन ऊँचाई पर पहाड़ियों के बीच से छुपकर हमला कर रहा था. पहाड़ों के बीच में छुपे होने के कारण लड़ाकू विमानों से भी उन्हें निशाना बनाना काफी कठिन था, मुश्किल की इस घडी में इजराइल ने बिना किसी समझौते के भी भारत की सहायता करते हुए उस वक्त की दुनिया की सबसे आधुनिक “लेजर गाइडेड मिसाइल” भारत को दी. जिसके प्रयोग से भारत ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी और कारगिल युद्ध जीत लिया था.

इजराइल काफी छोटा सा देश है, उसका कुल क्षेत्रफल इतना कम है कि तीन इजराइल मिलकर भी उतर प्रदेश जितना नहीं हो सकते. इजराइल की कुल जनसंख्या करीब 25 से 30 लाख है जोकि भारत की तुलना में बेहद कम है. चारो ओर से कट्टर इस्लामिक देशो से घिरा हुआ ये छोटा सा देश इतना ताकतवर है कि एक बार चार देशो ने मिलकर अकेले इजराइल पर हमला कर दिया था, फिर भी इजराइल युद्ध जीत गया था.

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