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आखिरकार इजराइल से आ ही गयी वो खुशखबरी, जिसका हर भारतीय को था बरसों से इंतज़ार

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नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी जबसे देश के प्रधानमन्त्री बने हैं तब से भारत लगातार दुनिया में अपनी ताकत का लोहा मनवा रहा है. अब रक्षा क्षेत्र से जुडी एक ऐसी धमाकेदार खबर सामने आ रही है जिसने चीन और पाकिस्तान की रातों की नींद हराम कर दी है. पाकिस्तानी मीडिया में भी हाहाकार मच गया है.

भारत में ही बनेंगे मानवरहित ड्रोन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ भारत ने अब रक्षा क्षेत्र में एक बेहद अहम कामयाबी हासिल की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बेंगलुरू में आयोजित एयरो इंडिया 2017 के दौरान इसरायली कंपनी, इसरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) और बेंगलुरू की डायनामाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड (DTL) के बीच भारत में ही ड्रोन विमान बनाने के लिए समझौता हो गया है.

इस समझौते से अब ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत भारतीय जरूरत के अनुसार छोटे मानव रहित ड्रोन विमानों के निर्माण के लिए आईएआई से डीटीएल को टेक्नोलॉजी और प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए सहायता मिलेगी. यानी अब जल्द ही भारत को ड्रोन विमान किसी अन्य देश से नहीं खरीदने पड़ेंगे बल्कि भारत में ही उनका निर्माण किया जाएगा, जो भारत की सैन्य शक्ति में बड़ा इजाफा करेगा. गौरतलब है कि फिलहाल भारत ड्रोन व् मानवरहित विमान इजराइल तथा अन्य कुछ देशों से खरीदता है.

आतंकी घुसपैठ से निपटने में मिलेगी सहायता

कहा जा रहा है कि इस खबर से सबसे ज्यादा परेशान पाकिस्तान है क्योंकि ड्रोन विमानों के भारत में ही बनने से सबसे बड़ा ख़तरा उसी को होगा क्योंकि वही भारत में अपने आतंकियों की घुसपैठ कराता है. किसी भी हमले या युद्ध होने की स्थिति में ड्रोन विमानों के प्रयोग से भारत पाकिस्तान का काफी नुक्सान कर पायेगा. ड्रोन काफी ऊँचाई से ना केवल दुश्मन की हर हरकत पर नज़र रख सकता है बल्कि बेहद सटीक हमले भी कर सकता है और सबसे अहम् बात तो ये है कि मानवरहित होने के कारण इससे भारत के सैनिकों की जान जाने का ख़तरा भी नहीं रहेगा.


रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि

आपको बता दें कि आईएआई, इजरायल में मिसाइल, ड्रोन, उपग्रह, हथियार प्रणाली व विस्फोट, मानवरहित व रोबोटिक प्रणाली और राडार बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है और भारत आईएआई के प्रमुख रणनीतिक ग्राहक में से एक है. एयरो इंडिया के मौके पर आईएआई के सैन्य विमान समूह के महाप्रबंधक शाउल शहर ने बताया कि “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम के तहत उनकी योजना है कि जल्द ही वो अपनी यूएवी गतिविधि के एक महत्वपूर्ण हिस्से को भारत को हस्तांतरित करेंगे.

डीटीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक उद्यंत मल्होत्रा ने बताया कि उनकी कंपनी तो पहले ही वैश्विक ओईएम (ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर्स) के लिए निर्माण कार्य कर चुकी है. उनके मुताबिक़ वो पहले ही भारत में एक मजबूत सप्लाई चेन इको-सिस्टम का निर्माण कर चुके हैं.

ड्रोन के बाद लड़ाकू विमान भी

कई अन्य विदेशी कंपनियां भी भारत सरकार के “मेक इन इंडिया” प्रोग्राम के तहत भारत की कंपनियों के साथ मिलकर हथियार बनाने के लिए आतुर हैं, जिससे उन्हें भी भारत में हथियार बनाने के ऑर्डर मिल सकें. ऐसे में यदि विदेशी कंपनियों को भारत में लड़ाकू विमान बनाने के ऑर्डर मिले तो एफ-18 जैसे लड़ाकू विमान बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग तो भारत में अपने विमान बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. यानी ड्रोन के बाद जल्द ही भारत में लड़ाकू विमानों का निर्माण भी शुरू होने वाला है.


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