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बिहार से आयी अब तक की सबसे बड़ी खबर आपको भी हैरान कर देगी, महागठबंधन का हुआ बेड़ागर्क

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नई दिल्ली : पिछले कई दिनों से ख़बरें आ रहीं थीं कि बिहार में महागठबंधन में दरार आ चुकी है और किसी भी वक़्त टूट सकता है. एक ओर तो नितीश पहले ही लालू की वजह से बेहद चिंतित बताये जा रहे थे और उस पर अब कांग्रेस ने भी कुछ ऐसा कर दिया जिससे महागठबंधन में तनाव और भी अधिक बढ़ गया है.


स्वार्थ के लिए गधे को भी बाप बना लें?

कांग्रेस पार्टी के लिए कहा जाता है कि ये देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी होने का खिताब जीत चुकी है और हर वक़्त केवल अपने निजी स्वार्थ को ही टटोलती रहती है. अपने स्वार्थ की पूर्ती के लिए किसी के भी साथ दोस्ती या दुश्मनी करने हर दम तैयार रहने वाली इस पार्टी ने बिहार विधान परिषद के चुनाव में भी कुछ ऐसा ही काम कर दिया है.

दरअसल 9 मार्च को बिहार में विधान परिषद के चुनाव होने वाले हैं. सीटें हैं कुल दो इसलिए एक सीट पर नितीश की जेडीयू ने अपना उम्मीदवार खड़ा किया है और दूसरी पर लालू की आरजेडी ने. कांग्रेस को ये बात खल गयी कि उसे सीट क्यों नहीं दी गयी? जिसपर जेडीयू और आरजेडी नेताओं का कहना है कि जब सीटें ही दो हैं तो तीन पार्टियों में कैसे बंटवारा किया जा सकता है?


कांग्रेस ने फूँका बगावत का बिगुल

खैर कांग्रेस को ये बात बिलकुल रास नहीं आयी और इसलिए कांग्रस ने दोनों सीटों पर जेडीयू और आरजेडी के खिलाफ ही अपने दो उम्‍मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार दिया. बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष और नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कांग्रेस हाईकमान के आदेश पर गया स्नातक क्षेत्र और गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दो कांग्रेसी उम्मीदवारों को उतार दिया है. कांग्रेस के इस फैसले से बिहार में राजनीतिक खींचातानी शुरू हो गयी है.

कांग्रेस पार्टी ने गया स्नातक क्षेत्र से अजय सिंह को और गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व एमएलए हृदय नारायण यादव को चुनावी दंगल में उतारा है. ये दोनों उम्मीदवार अब आरजेडी और जेडीयू के उम्‍मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.

छुपाना भी नहीं आता, बताना भी नहीं आता

इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से सफाई भी दी जानी शुरू हो गयी है. बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी के मुताबिक़ यदि कांग्रेस पार्टी ने जेडीयू और आरजेडी के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि महागठबंधन में मतभेद हो गए हैं. लेकिन सूत्रों के मुताबिक़ तो सारा माजरा है कुछ और और दिखाया कुछ और जा रहा है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी की ओर से बिहार विधान परिषद में उम्‍मीदवार खड़े किये जाने के कारण नितीश की जेडीयू और लालू की आरजेडी के वरिष्‍ठ नेता खासे नाराज हैं और कांग्रेस पार्टी को जल्‍द ही इस बगावत का जवाब दिया जा सकता है.


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