Home > मुख्य ख़बरें > यूपी में अखिलेश यादव के विवादित बयान से हड़कंप, सपा-कांग्रेस गठबंधन टूटने की कगार पर

यूपी में अखिलेश यादव के विवादित बयान से हड़कंप, सपा-कांग्रेस गठबंधन टूटने की कगार पर

akhilesh-yadav-sp-congress-alliance

लखनऊ : एक ओर जहां पूरे यूपी में पार्टियां जोर-शोर से चुनावी प्रचार में लगी हुई हैं, वहीँ दूसरी ओर अखिलेश यादय के एक बयान से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में दरार पड़ती दिखाई दे रही हैं. ख़बरों के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यादव परिवार के भीतर अंदरूनी कलह के कारण कांग्रेस के साथ गठबंधन करना पड़ा.

एक अंग्रेजी अखबार को इंटरव्यू देने के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि अगर यादव परिवार के भीतर कोई विवाद नहीं होता तो कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होता. उनके इस बयान के बाद से यूपी में एक राजनीतिक भूचाल सा आ गया है. यूपी के लोगों का गुस्सा भड़क उठा है. कुछ लोगों से बात करने पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उनके साथ विश्वासघात किया है.

लोगों ने कहा कि अखिलेश यादव ने खुद तो यूपी का कोई विकास किया नहीं और साम्प्रदायिक हिंसा रोकने में भी नाकाम रहे. अपने परिवार को एकजुट नहीं रख पाए और सिर्फ पीएम मोदी को रोकने के लिए उन्होंने देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी कांग्रेस से गठबंधन कर लिया. लोगों ने कहा कि एक ओर अखिलेश सुशासन का वादा करते हैं वहीँ दूसरी ओर वो बलात्कार का आरोप झेल रहे अपने कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति के लिए वोट भी मांग रहे हैं. गौरतलब है कि हाल ही में सपा के एक कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था. गायत्री प्रजापति अमेठी से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं और 35 वर्ष की एक महिला ने उनके खिलाफ उसका बलात्कार करने और उसकी बेटी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था.

लोगों ने कहा कि अखिलेश यादव ने ये बयान देकर खुद अपना पर्दाफ़ाश कर लिया है और अब वो उन्हें वोट नहीं देंगे. वहीँ दूसरी ओर कांग्रेस के कुछ समर्थकों का कहना है कि अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का अपमान किया है और राहुल को अब अखिलेश के साथ गठबंधन तोड़ देना चाहिए. हालांकि वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने साफ़-साफ़ कह दिया कि उन्होंने सिर्फ पीएम मोदी को रोकने के लिए ही सपा के साथ गठबंधन किया है.

कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि पीएम मोदी ने नोटबंदी करके देश को सडकों पर खड़ा कर दिया, उनके राज में असहिष्णुता भी बढ़ी है इसलिए उन्हें रोकना बहुत जरुरी है. हालांकि अब ये तो यूपी की जनता के हाथ में है कि वो किसे वोट देकर यूपी की सत्ता सौपते हैं.

इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments